रियाजुद्दीन की मदद को आगे आए लोग, जमकर हुई तारीफ

नई दिल्ली, 06 जून (हि.स.)। दक्षिणी जिले के मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में होटल अग्निकांड में जब अंदर फंसे लोग खिड़कियों से मदद की गुहार लगा रहे थे उस दौरान बिना कोई सोच विचार किए भीड़ में मौजूद एक शख्स ने अपनी दुकान के सारे गद्दे और रजाइयां निकालकर सड़क पर बिछा दीं। उनके इस प्रयास से आठ से ज्यादा लोगों ने गद्दों पर कूदकर अपनी जान बचाई। दुकान में रखा करीब दो लाख रुपये का सारा सामान लोगों की जान बचाने के लिए खुशी खुशी सौंपने वाले रियाजुद्दीन द्वारा पेश की गई इंसानियत की मिसाल की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। शनिवार को एक संगठन में उन्हें नेक काम में हुए नुकसान के लिए 1 लाख रुपये देकर मदद की।

मसूरी कॉटन शॉप नाम से गद्दे एवं रजाइयों की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन परिवार के साथ हौज रानी गांव में रहते हैं। उनकी दुकान उसी होटल के सामने है जिसमें बुधवार सुबह आग लगी थी। सुबह करीब 8.30 बजे जब आग लगी तो वह अपने घर पर थे। उन्हें स्थानीय लोगों ने फोन कर घटना की जानकारी दी। यह सुनते ही उन्होंने दुकान में रखे गद्दे, रजाइयां एवं चादर आग लोगों की मदद के लिए ले जाने की अनुमति दी। इसके बाद वह खुद भी अपने बेटे इमरान एवं स्टॉफ के साथ घटना स्थल पर पहुंचे। जलती हुई होटल की बिल्डिंग के बाहर उन्होंने जमीन पर दर्जनों गद्दे और रजाइयां बिछा दिए। दुकान से करीब 50 चादर भी उन्होंने ऊपर से कूदने वाले लोगों की मदद के लिए दे दी, जिससे सड़क पर ऐसा गद्देदार घेरा बन गया जिस पर कूदकर लोग सुरक्षित बच पाए।

रियाजुद्दीन को दी गई 1 लाख की मदद

सरदार पटेल सेवा दल के सुरक्षक अधिवक्ता रमेश यादव, अध्यक्ष अधिवक्ता वीरेंद कसाना तथा सदस्य धीरेंद्र कसाना, नौशाद सिद्दीकी, संजय जावा व राजेश कपूर शनिवार को मालवीय नगर पहुंचे। उन्होंने रियाजुद्दीन को 1 लाख रुपये की मदद प्रदान की। वीरेंद्र कसाना ने कहा कि मदद की कोई कीमत नहीं होती। जिस हिम्मत, संवेदनशीलता और निस्वार्थ भाव से दुकानदार ने संकट की घड़ी में लोगों की सहायता की, वह इंसानियत की एक प्रेरणादायक मिसाल है। समाज में ऐसे उदाहरणों को सम्मान मिलना चाहिए ताकि लोग भेदभाव से ऊपर उठकर मुसीबत में फंसे लोगों की सहायता के लिए आगे आते रहें।

---------------

   

सम्बंधित खबर