मैथन में पुलिस चौकी के पास धड़ल्ले से हो रहा अवैध बालू खनन और तस्करी

पश्चिम बर्दवान, 02 जुलाई (हि. स.)। एक ओर पश्चिम बंगाल में बालू की भारी कमी के कारण आम लोगों को घर निर्माण के लिए भी बालू नहीं मिल रही है, वहीं दूसरी ओर बंगाल-झारखंड सीमा पर बिल्कुल अलग तस्वीर देखने को मिल रही है। झारखंड के मैथन आउट पोस्ट थाना अंतर्गत डुबुरडीही पुल के नीचे बराकर नदी का प्राकृतिक प्रवाह बदलकर खुलेआम अवैध बालू खनन और तस्करी का कारोबार चल रहा है।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के स्पष्ट निर्देशों के अनुसार, इस समय नदी से बालू खनन पर पूरी तरह प्रतिबंध है। इसके बावजूद नियमों की खुलेआम अनदेखी करते हुए बालू माफिया इस सीमावर्ती इलाके में सक्रिय हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, खनन को आसान बनाने के लिए बराकर नदी का प्राकृतिक प्रवाह तक बदल दिया गया है। इसके बाद दिनदहाड़े बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नदी में उतारकर बिना किसी वैध चालान या सरकारी अनुमति के नदी से बालू निकाली जा रही है। यह बालू ट्रैक्टरों के जरिए झारखंड के विभिन्न इलाकों में पहुंचाई जा रही है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि जहां यह अवैध गतिविधि चल रही है, वहां से कुछ ही दूरी पर मैथन पुलिस आउट पोस्ट और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) का कार्यालय स्थित है। इसके बावजूद लंबे समय से यह कथित अवैध कारोबार जारी रहने से स्थानीय लोगों में नाराजगी है।

स्थानीय लोगों का सवाल है कि पुलिस और प्रशासनिक कार्यालयों के इतने करीब बिना अनुमति के इतने बड़े पैमाने पर बालू की तस्करी आखिर कैसे संभव है। लोगों का आरोप है कि कानून की परवाह किए बिना नदी को नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

पश्चिम बंगाल में बालू की कमी के बीच इस अवैध तरीके से निकाली गई बालू बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, एक ट्रैक्टर बालू डेढ़ से दो हजार रुपये तक में बेची जा रही है।

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