हिमाचल में ओपीएस में बदलाव की कोशिश हुई तो विरोध करेंगे कर्मचारी : एनपीएस कर्मचारी महासंघ

शिमला, 14 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने दावा किया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने हाल ही में शिमला दौरे के दौरान नई पेंशन व्यवस्था की ओर बढ़ने की बात कही थी। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने इसे यूपीएस (यूनिफाइड पेंशन स्कीम) की ओर संकेत बताते हुए कहा कि ऐसे बयानों से कर्मचारियों में भारी नाराज़गी है। उनका कहना है कि प्रदेश के कर्मचारियों ने लंबे संघर्ष और आंदोलनों के बाद ओपीएस बहाल करवाई है, इसलिए इसे बदलने की किसी भी कोशिश का विरोध होगा।

1.36 लाख कर्मचारियों का क्या होगा?

प्रदीप ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2022 में हिमाचल में ओपीएस बहाल होने के बाद हजारों कर्मचारी इसका लाभ ले रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि भविष्य में यूपीएस लागू करने का प्रयास किया जाता है तो वर्तमान में ओपीएस के दायरे में आ चुके करीब 1.36 लाख कर्मचारियों का क्या होगा। उन्होंने दावा किया कि 10 हजार से अधिक कर्मचारी सेवानिवृत्त होकर ओपीएस का लाभ प्राप्त कर चुके हैं और इससे उन्हें आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा मिली है। महासंघ का कहना है कि ओपीएस कर्मचारियों का अधिकार बन चुकी है और इसे वापस लेने का कोई भी प्रयास स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुक्खू सरकार के फैसले की सराहना

महासंघ ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रिमंडल और विधायकों का आभार जताया। प्रदीप ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में पुरानी पेंशन को पहली गारंटी के रूप में शामिल किया था और सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में इसे लागू करने का फैसला लिया। उन्होंने कहा कि केंद्र की ओर से यूपीएस लागू करने के लिए दबाव बनाए जाने की बातें सामने आती रही हैं, लेकिन राज्य सरकार ने अब तक ओपीएस को जारी रखा है। महासंघ ने उम्मीद जताई कि सरकार आगे भी अपने इसी रुख पर कायम रहेगी।

ओपीएस की कानूनी सुरक्षा की मांग, आंदोलन की चेतावनी

प्रदीप ठाकुर और भरत शर्मा ने मुख्यमंत्री से ओपीएस की सुरक्षा के लिए कानूनी प्रावधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में कोई भी सरकार इसे समाप्त न कर सके। उन्होंने कहा कि कर्मचारी समुदाय पूरी तरह संगठित है और यदि पुरानी पेंशन की रक्षा के लिए दोबारा आंदोलन की जरूरत पड़ी तो कर्मचारी पीछे नहीं हटेंगे। महासंघ ने कर्मचारियों से एकजुट और सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि वे उन राजनीतिक दलों पर भी नजर रखेंगे जो ओपीएस के पक्ष या विपक्ष में खड़े हैं।

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