नेपाल बार एसोसिएशन ने अदालत में न्यायाधीश-कर्मचारी के बीच विवाद के खिलाफ मंगलवार को प्रदर्शन की घोषणा की

काठमांडू, 18 मई (हि.स.)। नेपाल बार एसोसिएशन ने सर्वोच्च न्यायालय में हुए हालिया विवाद और अदालत के कर्मचारियों द्वारा कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के आदेशों की अवहेलना करने के विरोध में मंगलवार को अपने कार्यालय परिसर में सांकेतिक लालटेन विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है।

बार एसोसिएशन की केंद्रीय कार्यसमिति की सोमवार को हुई बैठक में निष्कर्ष निकाला गया कि स्थिति इतनी खराब हो गई है कि अदालत में रिट याचिकाएं तक पंजीकृत नहीं हो पा रही हैं।

बार एसोसिएशन अध्यक्ष डॉ. विजय मिश्र के अनुसार मंगलवार दोपहर 1 बजे बार कार्यालय परिसर में “सत्य और न्याय की खोज” के प्रतीक के रूप में लालटेन जलाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नागरिकों का अदालत में रिट याचिकाएं और मुकदमे तक दर्ज न कर पाना अत्यंत गंभीर चिंता का विषय है।उन्होंने कहा, “यदि अदालत में रिट और मामले ही दर्ज नहीं हो सकते, तो नागरिक न्याय के लिए कहां जाएंगे?”

यह विरोध प्रदर्शन ऐसे समय घोषित किया गया है, जब सोमवार को अदालत प्रशासन के कर्मचारियों ने कथित रूप से कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल द्वारा जारी आदेश का पालन करने से इनकार कर दिया और केस फाइलें लेकर वहां से चले गए। मल्ल ने नेपाल सरकार द्वारा प्रधान न्यायाधीश पद के लिए डॉ. मनोज शर्मा की सिफारिश के खिलाफ दायर याचिकाओं को खारिज करने के बजाय औपचारिक रूप से पंजीकृत करने का आदेश दिया था।

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