नेपाल एयरलाइंस के पांच निदेशकों की नियुक्ति सुप्रीम कोर्ट ने रद्द की

काठमांडू, 12 जून (हि.स.)। नेपाल के उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को नेपाल एयरलाइंस की संचालन समिति के पांच सदस्यों की नियुक्ति को रद्द करने का आदेश दिया।

सरकार ने एक महीने पहले ही इन सदस्यों की नियुक्ति की थी। वरीयता क्रम में आने के बावजूद नियुक्ति से वंचित रहे उपेंद्र कार्की ने अनियमितता का आरोप लगाते हुए इस नियुक्ति प्रक्रिया को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश टेक प्रसाद ढुंगाना और शांति सिंह थापा की पीठ ने उक्त नियुक्तियों को रद्द करने का आदेश दिया।

संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मंत्री स्तरीय निर्णय के माध्यम से डॉ. दीपक प्रसाद बस्तोला, प्रवीण भट्टराई, महेश्वर भक्त श्रेष्ठ, रूपा लामिछाने और लीलाराज धकाल को नियुक्त करने का निर्णय लिया था।

न्यायालय के आदेश में कहा गया है कि गोपनीय मूल्यांकन फार्म के अनुसार याचिकाकर्ता उपेन्द्र कार्की योग्यता सूची में प्रथम स्थान पर थे और उन्होंने सबसे अधिक अंक प्राप्त किए थे। इसके बावजूद मंत्री ने नियुक्ति करते समय योग्यता क्रम में दूसरे, तीसरे, चौथे और छठे स्थान पर रहे उम्मीदवारों तथा महिला उम्मीदवारों में दूसरे स्थान पर रही उम्मीदवार को नियुक्त किया, जबकि प्रथम स्थान पर रहे कार्की को नियुक्त न किए जाने का कोई आधार या कारण प्रस्तुत नहीं किया गया।

न्यायालय ने कहा कि परीक्षा में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने और प्रथम स्थान पर सिफारिश होने के बावजूद कार्की को नियुक्त न करना तथा बिना किसी स्पष्ट आधार के मनमाने ढंग से चयन प्रक्रिया अपनाना त्रुटिपूर्ण निर्णय था।

न्यायालय ने कहा, “अब चयन समिति की सिफारिश में शामिल योग्यता क्रम के अनुसार उम्मीदवारों के संबंध में सुशासन के मूल्यों और मान्यताओं के अनुरूप आधार एवं कारण सहित पुनः निर्णय किया जाए।”

इसी निर्देश के साथ न्यायालय ने प्रतिवादियों के नाम परमादेश भी जारी किया है।

न्यायालय ने महान्यायाधिवक्ता कार्यालय के जरिए यह आदेश संबंधित पक्षों को तत्काल उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया है।

इस मामले में संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ-साथ चयन समिति को भी प्रतिवादी बनाया गया था।

-----------

   

सम्बंधित खबर