डामरा बीएसयूपी आवास घोटाला, दो हिरासत में

पश्चिम बर्दवान, 12 जून (हि. स.)। आसनसोल के डामरा क्षेत्र में गरीब एवं आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुरू की गई बीएसयूपी (बेसिक सर्विसेज फॉर अर्बन पुअर) आवास योजना में कथित अनियमितताओं, फर्जी दस्तावेजों, धन उगाही और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। इस बारे में शुक्रवार को आसनसोल नगर निगम अंतर्गत वार्ड संख्या 87 के डामरा इलाके में नगर निगम की ओर से बीएसयूपी क्वाटर में विशेष तलाशी अभियान चलाया गया।

स्थानीय लोगों और भाजपा नेताओं का दावा है कि आवास दिलाने के नाम पर 20 हजार से लेकर 80 हजार रुपये तक की वसूली की गई। इससे सरकारी योजना की पारदर्शिता और पात्र लाभार्थियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

भाजपा के आसनसोल दक्षिण मंडल के सचिव अपूर्व राय ने आरोप लगाया कि आवास आवंटन प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर धांधली की गई है। उन्होंने दावा किया कि कुछ आवासों को पैसे लेकर बेचा गया, जबकि कई खाली पड़े फ्लैटों का उपयोग अवैध गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने आवास परिसर में पहुंचकर कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज मिलने का भी दावा किया है। आरोप है कि नगर निगम का एक रेजोल्यूशन रजिस्टर स्थानीय लोगों की नजर में आने पर कई आवंटन पत्रों में व्हाइटनर लगाकर नाम बदलने के संकेत मिले हैं।

मामला तब और गंभीर हो गया जब कई लोगों ने आरोप लगाया कि उन्हें निगम अधिकारियों के हस्ताक्षर और मोहर लगे कथित आवंटन पत्र दिए गए थे। प्रारंभिक जांच में ऐसे कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए हैं। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षर और नकली मोहर के जरिए लोगों को यह विश्वास दिलाया गया कि उन्हें विधिवत सरकारी आवास आवंटित कर दिया गया है।

इस मामले में आसनसोल नगर निगम के एक कर्मचारी प्रमोद का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है। आरोप है कि उन्होंने अपने एजेंटों के माध्यम से आवास आवंटन का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था।

पुलिस हिरासत में लिए गए शेख खालिद और उसकी पत्नी पर आरोप है कि वे आवास के इच्छुक लोगों को प्रमोद तक पहुंचाने का काम करते थे। इसके बाद पैसे लेकर दस्तावेज तैयार किए जाते थे और आवास दिलाने का आश्वासन दिया जाता था।

शिकायत मिलने के बाद आसनसोल दक्षिण थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शेख खालिद और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

मुख्य आरोपित प्रमोद के फरार होने की खबर है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है।

मामले के उजागर होने के बाद कई पीड़ितों का कहना है कि वर्षों तक किराए के मकानों में रहने के बाद उन्होंने सरकारी योजना के तहत घर मिलने की उम्मीद में पैसे दिए थे, लेकिन उन्हें धोखे का सामना करना पड़ा। कई लोगों ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आसनसोल नगर निगम के मेयर बिधान उपाध्याय ने कहा कि यदि बीएसयूपी आवासों के आवंटन में किसी प्रकार की अनियमितता या अवैध गतिविधि की शिकायत मिली है तो नगर निगम इसकी जांच करेगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नगर निगम में विपक्ष की नेता चैताली तिवारी ने कहा कि केवल डामरा आवास परियोजना ही नहीं, बल्कि नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों में भ्रष्टाचार के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच की मांग की।

घटना के बाद राजनीतिक माहौल भी गर्म हो गया है।

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