नेपाल में भूमिहीनों को होल्डिंग सेंटर खाली करने का नोटिस, भोजन व्यवस्था भी बंद
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
काठमांडू, 06 जुलाई (हि.स.)। नेपाल सरकार ने भूमिहीन परिवारों को होल्डिंग सेंटर खाली करने और मंगलवार से भोजन व्यवस्था बंद करने का निर्देश दिया है। सरकार के इस फैसले के बाद विभिन्न होल्डिंग सेंटरों में रह रहे भूमिहीन परिवारों में चिंता और असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है।
काभ्रे के बनेपा स्थित रेडक्रस होल्डिंग सेंटर में रह रहे भूमिहीनों को सोमवार सुबह कैंटीन कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें केवल आज तक ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। मंगलवार से कैंटीन बंद कर दी जाएगी और सभी को अपने भोजन की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। होल्डिंग सेंटर में रह रही रीमा पोखरेल ने बताया कि कैंटीन कर्मचारियों ने कहा कि सरकार की ओर से उन्हें केवल 19 तारीख तक का बजट मिला था। मानवीय आधार पर कुछ दिन अतिरिक्त भोजन कराया गया, लेकिन अब यह संभव नहीं है।
भोजन बंद होने से सेंटर में रह रहे भूमिहीन परिवारों की चिंता और बढ़ गई है। रीमा पोखरेल ने कहा कि कई परिवारों में बीमार लोग और छोटे बच्चे हैं। ऐसे में उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी तथा उनकी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने बताया कि सरकार से स्व-व्यवस्थापन के लिए घोषित 25 हजार रुपये की सहायता राशि भी सभी को नहीं मिली है। जिन लोगों को राशि मिली है, उनका कहना है कि इतनी कम रकम से घर, भोजन और अन्य आवश्यक जरूरतों की व्यवस्था करना संभव नहीं है, क्योंकि विस्थापन के दौरान उनका अधिकांश सामान भी नष्ट हो चुका है।
उधर, काठमांडू के बसपार्क स्थित 'काठमाडौं एन्ड लज' में ठहराए गए विस्थापित भूमिहीनों को भी होटल खाली करने के लिए कहा गया है। वहां रह रही सविना मगर ने बताया कि होटल प्रबंधन ने रविवार को ही कमरा खाली करने का दबाव बनाया, जिसके बाद सोमवार सुबह वे सड़क पर आ गए। उन्होंने कहा कि अब उनके पास रहने की कोई जगह नहीं बची है और वे विरोध प्रदर्शन करेंगे।
खरिपाटी स्थित होल्डिंग सेंटर में भी अधिकारियों की टीम पहुंची और वहां रह रहे भूमिहीनों से सेंटर खाली कर स्वयं किराये पर कमरा लेकर रहने का आग्रह किया। अधिकारियों ने कहा कि लंबे समय तक होल्डिंग सेंटर में रहने से स्वास्थ्य और मानसिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। सरकार पहले होल्डिंग सेंटर छोड़कर स्व-व्यवस्थापन करने के लिए समय सीमा बढ़ा चुकी थी। साथ ही तीन महीने तक प्रति माह 15 हजार रुपये देने का भी वादा किया गया था।
विस्थापित पवन गुरुङ ने कहा कि घर टूट जाने के बाद केवल 25 हजार रुपये से नई व्यवस्था करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि कई लोगों के बैंक खातों में सहायता राशि अभी तक नहीं पहुंची है। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि अब भोजन की व्यवस्था बंद रहेगी और आगे का खर्च लोगों को स्वयं उठाना होगा।
अधिकार सम्पन्न बागमती सभ्यता एकीकृत विकास समिति के कार्यकारी अध्यक्ष आनन्द सिंह भाट ने बताया कि सरकार ने सभी होल्डिंग सेंटरों में भोजन व्यवस्था बंद कर दी है। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार समय सीमा बढ़ाई गई थी, लेकिन अब सभी परिवारों को स्वयं अपने रहने और खाने की व्यवस्था करनी होगी।
समिति के अनुसार होल्डिंग सेंटर में रह रहे 388 परिवारों में से अब तक 254 परिवारों के खातों में सहायता राशि भेजी जा चुकी है, जबकि शेष परिवारों के दस्तावेजों और अन्य प्रक्रियाओं को पूरा करने का काम जारी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब समय सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। हालांकि भूमिहीनों को बलपूर्वक नहीं हटाया जाएगा, लेकिन यदि वे होल्डिंग सेंटर में रहना चाहते हैं तो भोजन और अन्य खर्च उन्हें स्वयं वहन करना होगा।
---------------

