
-कर्मचारियाें, अध्यापकाें तथा अन्य वर्गाें के सुझाव पर बनी नई पाॅलिसी
-सेवानिवृत्ति से एक साल पहले सहमति के बिना नहीं होगा तबादला
चंडीगढ़, 22 जून । हरियायाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी, टीचर ट्रांसफर पॉलिसी को मंजूरी प्रदान कर दी गई। नई पॉलिसी को हाईकोर्ट की टिप्पणी तथा स्टेक होल्डर से विचार के बाद बनाया गया है।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि नई नीति के तहत ट्रांसफर के लिए कर्मचारियों की रैंकिंग 120 प्वाइंट वाले फ्रेम के तहत की जाएगी। उम्र को दी जाने वाली वेटेज 75 प्रतिशत से कम करके 25 प्रतिशत कर दिया है। प्रोफेशन अनुभव का नया पैरामीटर जोड़ा गया है। जिसका वेटेज 25 प्रतिशत है।
शिक्षा विभाग द्वारा तैयार की गई नई ट्रांसफर पॉलिसी में तीन श्रेणियां बनाई गई हैं, जिसमें उम्र, अनुभव और विशेष श्रेणी है, जिसके आधार पर शिक्षकों का तबादला होगा। अनुभव और उम्र के 30-30 अंक मिलेंगी, जबकि विशेष श्रेणी के 60 अंक निर्धारित किए गए हैं।
प्रस्तावित नीति के अनुसार कुल 120 अंकों में से 30 अंक आयु, 30 अंक कैडर अनुभव तथा 60 अंक विशेष श्रेणी (स्पेशल फैक्टर्स) के लिए निर्धारित किए गए हैं। आयु और अनुभव को 25-25 प्रतिशत तथा विशेष श्रेणी को 50 प्रतिशत वेटेज दिया गया है। मंत्रिमंडल ने पति-पत्नी मामलों में मेरिट अंक 5 से बढक़र 10 करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके अलावा गंभीर बीमारियों की श्रेणी खास अंग प्रत्यारोपण तथा मसकुलर डिस्ट्रोफी को शामिल किया गया है। नई नीति में पहली बार अनुभव को तबादला प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। आयु के लिए शिक्षक की पात्रता तिथि तक की पूरी आयु की गणना की जाएगी। विशेष श्रेणी के अंतर्गत विभिन्न श्रेणियों को 10-10 अंक देने का प्रावधान किया गया है। इनमें महिला शिक्षक, तलाकशुदा, न्यायिक रूप से अलग रह रही, विधवा अथवा सिंगल पैरेंट शिक्षिकाएं, कपल्स केस, सैन्य एवं अर्द्धसैनिक बलों के कर्मियों के जीवनसाथी, गंभीर बीमारी से प्रभावित शिक्षक या उनके आश्रित, दिव्यांग शिक्षक तथा दिव्यांग बच्चों वाले शिक्षक शामिल हैं। नई नीति में सिंगल पैरेंट शिक्षकों को विशेष राहत देते हुए 10 अतिरिक्त अंक देने का प्रस्ताव किया गया है। वहीं दिव्यांग शिक्षकों के लिए भी नियमों को अधिक समावेशी बनाया गया है। अब 70 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले सभी शिक्षक सुरक्षित श्रेणी के दायरे में आएंगे।
हरियाणा सरकार ने नई ट्रांसफर पॉलिसी में प्रावधान किया है कि अब किसी भी कर्मचारी का सेवानिवृत्त होने की अवधि से एक साल पहले उसकी लिखित सहमति के बिना ट्रांसफर नहीं किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने मानव संसाधन विभाग को एमओटीपी 2026 के तहत पहले ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया के लिए जरूरी निर्देश जारी करने की भी मंजूरी दी है।
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