व्यवसाई नहीं दिखा रहे रुचि, तेजपुर रीको भी पड़ा खाली, 33 साल की लीज पर 60% छूट के बावजूद उदासीनता
- DSS Admin
- May 21, 2026
चित्तौड़गढ़, 21 मई (हि.स.)। राइजिंग राजस्थान पहल के तहत राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशकों के लिए रीको की प्रत्यक्ष भूमि आवंटन प्रणाली का दसवां चरण भी पूरा हो गया, लेकिन जिले में उद्यमी भूखंड लेने में रुचि नहीं दिखा रहे। 10 चरणों में 170 के मुकाबले केवल 16 भूखंडों का ही आवंटन हो पाया है। उद्यमियों की उदासीनता के पीछे मंदी, बड़े उद्योग नहीं होना या और कोई कारण जो स्पष्ट नहीं हो पाया है।
रीको के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक संदीप पंवार ने बताया कि राज्य सरकार के साथ एमओयू करने वाले निवेशकों के लिए रीको की प्रत्यक्ष भूमि आवंटन प्रणाली के तहत दसवां चरण भी पूरा हो गया। इसी माह व्यावसाईयों से आवेदन मांगे थे। जिले के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कुल 167 औद्योगिक भूखंड आवंटन के लिए उपलब्ध थे। इनमें तेजपुर में 127, कपासन में 4, सोनियाना में 19 सामान्य श्रेणी और 17 सिरेमिक/ग्लास जोन के भूखंड शामिल थे। मगर पूरे 10वें चरण में भी मात्र 15-16 आवेदन ही आए। संदीप पंवार ने बताया कि विशेष रूप से तेजपुर औद्योगिक क्षेत्र में 127 भूखंड फ्लेक्सिबल लैंड लीज पॉलिसी के तहत 33 वर्ष की लीज पर 60 प्रतिशत रियायती दरों पर दिए जा रहे हैं। इसके बावजूद तेजपुर रीको खाली पड़ा है। तेजपुर व्हाइट कैटगरी में आता है, जहां प्रदूषण रहित उद्योग लग सकते हैं।
बुनियादी सुविधाओं का अभाव भी वजह
इधर, जानकारी में सामने आया कि सोनियाणा में अभी 24 मीटर रोड की सुविधा नहीं है। बेगूं विधानसभा के तेजपुर और सोनियाणा में भूखंडों को लेकर रीको ने डिमांड निकाली थी, लेकिन निवेशकों का रुझान नहीं मिला। अधिकारी मान रहे हैं कि निवेशक एमओयू तो कर रहे हैं, लेकिन जमीन पर उद्योग लगाने को लेकर ज्यादा डिमांड नहीं है। नए उद्योगों को लेकर उद्यमी रुचि नहीं दिखा रहे। रीको अब अगले चरण में फिर से भूखंड आवंटन की प्रक्रिया निकालेगा।
तेजपुर रीको हाइवे किनारे लेकिन व्हाइट 'कैटेगरी' में
इधर, जानकारी में सामने आया कि रीको की जमीन पर व्यवसाईयों के रुचि नहीं दिखाने का बड़ा कारण रीको क्षेत्र का 'व्हाइट कैटेगरी' में आना है। इस कैटेगरी में आने वाले रीको आबादी के पास होते हैं तथा इनमें प्रदूषण रहित उद्योग लगता है। बेगूं विधानसभा का तेजपुर रीको चित्तौड़गढ़-कोटा फोरलेन के किनारे पर स्थित है। मुख्य मार्ग के किनारे होने बाग के बावजूद उद्यमी यहां रुचि नहीं दिख रहे हैं। वहीं एक कारण यह भी सामने आया कि इस क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग नहीं है। बड़े उद्योगों के आस-पास छोटे उद्योगों की संभावनाएं बढ़ती है।
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