सेशेल्स पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में होंगे मुख्यातिथि

सेशेल्स अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी।राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं के बाड़े का भ्रमण करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं के बाड़े का भ्रमण करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।सेशेल्स राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ संयुक्त वृक्षारोपण करते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी के साथ एक ही वाहन में राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान के लिए रवाना होते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी।

विक्टोरिया (सेशेल्स), 27 जून (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर शनिवार को सेशेल्स पहुंचे। सेशेल्स के राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी का राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक हर्मिनी ने हवाई अड्डे पर विशेष स्वागत किया। यात्रा के पहले दिन मोदी ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान का दौरा किया तथा संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम में भाग लिया। एल्डाब्रा में विशालकाय कछुओं को देखा और भारतीय प्रवासी समुदाय से मुलाकात की।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक महत्वपूर्ण समुद्री साझेदार और घनिष्ठ मित्र है। उन्होंने कहा कि वह दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को और मजबूत बनाने तथा लोगों के हित में सहयोग बढ़ाने के उद्देश्य से इस यात्रा को लेकर उत्साहित हैं।

एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने सेशेल्स में अपने स्वागत के दौरान प्रस्तुत कच्छ के पारंपरिक नृत्य का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रवासी समुदाय ने भारत की विविध सांस्कृतिक परंपराओं को जिस प्रकार संरक्षित और जीवंत बनाए रखा है, वह सराहनीय है।

हवाई अड्डे से प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति हर्मिनी एक ही वाहन में राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान पहुंचे। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि वह राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ सेशेल्स के राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान की ओर जा रहे हैं।

राष्ट्रीय वनस्पति उद्यान में दोनों नेताओं ने संयुक्त वृक्षारोपण कार्यक्रम में भाग लिया। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ मिलकर ‘कोको डी मेर’ का पौधा लगाया, जो सेशेल्स की विशिष्ट पहचान है और देश के राजचिह्न में भी शामिल है। उन्होंने कहा कि भारत और सेशेल्स जैव विविधता संरक्षण, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को बढ़ावा देने तथा भावी पीढ़ियों के लिए हरित एवं स्वस्थ पृथ्वी छोड़ने के साझा संकल्प से जुड़े हुए हैं।

उद्यान भ्रमण के दौरान प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति हर्मिनी के साथ एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं के बाड़े का भी अवलोकन किया। एक अन्य पोस्ट में प्रधानमंत्री ने कहा कि एल्डाब्रा विशालकाय कछुआ सेशेल्स की मूल प्रजाति है और यह दुनिया की सबसे बड़ी तथा सबसे अधिक आयु तक जीवित रहने वाली प्रजातियों में शामिल है। इनमें से कुछ कछुए दो शताब्दियों से अधिक इतिहास के साक्षी रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में कहा कि एल्डाब्रा विशालकाय कछुओं का भारत और सेशेल्स की मित्रता से भी विशेष संबंध है। वर्ष 2014 में ऐसे दो कछुए कोलकाता के अलीपुर चिड़ियाघर को उपहार स्वरूप दिए गए थे। इसके कुछ वर्षों बाद सेशेल्स ने कुछ और कछुए हैदराबाद चिड़ियाघर को भी भेंट किए थे।

होटल पहुंचने पर भारतीय मूल के लोगों और प्रवासी भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने उनसे मुलाकात की और भारत-सेशेल्स संबंधों में उनकी भूमिका की सराहना की।

उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री 27 से 29 जून तक सेशेल्स में रहेंगे। इस दौरान वह राष्ट्रीय दिवस की स्वर्ण जयंती समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच समुद्री सुरक्षा, विकास सहयोग, क्षमता निर्माण, पर्यावरण संरक्षण और हिंद महासागर क्षेत्र में साझेदारी को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा होने की संभावना है।

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