आरटीई कानून के तहत गरीब बच्चों को निजी स्कूलों में नहीं मिल रहा प्रवेश : हाजी फ़ज़ल महमूद
- DSS Admin
- May 12, 2026
कानपुर, 12 मई (हि.स.)। आरटीई कानून के तहत गरीब एवं पीडीए समाज के बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। निजी स्कूल मनमाने तरीके से शुल्क वसूल रहे हैं और गरीब अभिभावकों को दस्तावेजों व सीटाें के भरने का बहाना बनाकर वापस किया जा रहा है। सरकारी विद्यालयों की स्थिति भी बदहाल है और वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। यह बातें मंगलवार को समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद ने कही।
मंगलवार काे समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर अध्यक्ष हाजी फ़ज़ल महमूद के नेतृत्व में नगर कमेटी द्वारा शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी के नाम मांग पत्र सौंपा गया। जिलाधिकारी की ओर से एसीएम-6 आलोक गुप्ता ने मांग पत्र स्वीकार किया और समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।
हाजी फ़ज़ल महमूद ने कहा कि बच्चों को निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के अंतर्गत गरीब एवं पीडीए समाज के बच्चों के लिए आरक्षित सीटों पर निजी विद्यालय प्रवेश देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे हजारों जरूरतमंद बच्चे शिक्षा के अधिकार से वंचित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि निजी विद्यालय महंगी पुस्तकें, कॉपियां और विद्यालयी पोशाक निर्धारित दुकानों से खरीदने का दबाव बनाते हैं, जिससे गरीब एवं मध्यम वर्गीय परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ता है। वहीं सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी, जर्जर भवन, पेयजल और शौचालय जैसी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सरकारी विद्यालय आज भी स्मार्ट कक्षाओं, संगणक प्रयोगशालाओं और डिजिटल शिक्षा जैसी आधुनिक सुविधाओं से वंचित हैं।
समाजवादी पार्टी कानपुर महानगर ने मांग की कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों का निजी विद्यालयों में अनिवार्य प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए, मनमानी शुल्क वृद्धि पर रोक लगाई जाए और सरकारी विद्यालयों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाए।
इस दौरान वरिष्ठ उपाध्यक्ष शैलेंद्र यादव मिंटू, विनय गुप्ता, अपर्णा बंसल जैन, नीतेंद्र सिंह, कार्तिक कुशवाह, अजय शर्मा, आयुष गुप्ता और जस्वेन्द्र प्रताप निषाद सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

