आरकॉम बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में अमिताभ झुनझुनवाला गिरफ्तार, सीबीआई ने मुंबई अदालत में किया पेश

नई दिल्ली, 01 जून (हि.स.)। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) समूह के पूर्व समूह प्रबंध निदेशक अमिताभ झुनझुनवाला को बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार कर लिया। झुनझुनवाला रिलायंस समूह के कॉरपोरेट वित्त, बैंकिंग और ऋण राशि के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण कार्यों का संचालन करते थे तथा विभिन्न बैंकों से ऋण प्राप्त करने में उनकी अहम भूमिका थी।

सीबीआई ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि झुनझुनवाला पर आरोप है कि बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का दुरुपयोग किया गया, जिससे बैंकों को भारी वित्तीय नुकसान हुआ। वह ऋण स्वीकृति के लिए बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समन्वय करते थे और उनकी देखरेख में ऋण की राशि का उपयोग किया जाता था। ऋण वापस नहीं किए जाने के कारण संबंधित खाते गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) में बदल गए।

यह मामला भारतीय स्टेट बैंक की शिकायत पर दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। शिकायत में रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल अंबानी पर बैंक को 2,929.05 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया है। भारतीय स्टेट बैंक के नेतृत्व वाले 11 बैंकों के समूह ने कंपनी को सावधि ऋण प्रदान किया था, जिससे बैंकों को कुल 6,015 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। शिकायत के अनुसार आरकॉम पर 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों का कुल 19,694.33 करोड़ रुपये का बकाया था।

सीबीआई ने बताया कि आरकॉम, रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (आरएचएफएल), रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (आरसीएफएल) और रिलायंस टेलीकॉम लिमिटेड (आरटीएल) से जुड़े मामलों में विभिन्न बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायतों पर छह अन्य प्राथमिकी भी दर्ज की गई हैं। इन मामलों की जांच जारी है और इसकी निगरानी उच्चतम न्यायालय कर रहा है।

अमिताभ झुनझुनवाला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच से जुड़े एक मामले में न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में बंद थे। सीबीआई ने उन्हें इस मामले में हिरासत में लेने के लिए मुंबई की विशेष अदालत से प्रोडक्शन वारंट प्राप्त किया। चिकित्सकीय परीक्षण के बाद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने उन्हें यात्रा के लिए फिट घोषित किया, जिसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया और एक जून को अदालत में पेश किया गया। अदालत में पेशी के बाद सीबीआई ने उन्हें औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजते हुए आर्थर रोड जेल भेज दिया। उनकी पुलिस रिमांड याचिका पर मंगलवार को सुनवाई होगी।

उल्लेखनीय है कि सीबीआई ने 29 मई को आरकॉम मामले में अपनी पहली आरोपपत्र दाखिल की थी। इसमें कंपनी सहित 16 आरोपितों को नामजद किया गया है, जिनमें आरकॉम के पांच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं। सीबीआई ने कहा कि वह मामले की विस्तृत और त्वरित जांच जारी रखे हुए है।

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