राज्य विश्वविद्यालयों की भांति सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी रूप से लागू करे भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय : राज्यपाल
- DSS Admin
- May 18, 2026
लखनऊ, 18 मई (हि.स.)। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में सोमवार को भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न संकायों, विभागों एवं संचालित पाठ्यक्रमों की जानकारी प्रस्तुत की गई। साथ ही विश्वविद्यालय में पढ़ाए जाने वाले विषयों, डिग्री एवं डिप्लोमा कार्यक्रमों, शोध कार्यों तथा शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक वर्गों में स्वीकृत, भरे एवं रिक्त पदों की स्थिति पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रस्तुतीकरण में छात्र-छात्राओं के प्रवेश एवं नामांकन की स्थिति, विश्वविद्यालय परिसर की अधोसंरचना, पुस्तकालय में उपलब्ध दुर्लभ ग्रंथों एवं उनके डिजिटाइजेशन की प्रगति, छात्रावास व्यवस्था एवं निर्माणाधीन कार्यों की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त विभिन्न सहयोगी संस्थाओं के साथ हुए एमओयू, सामाजिक गतिविधियों, ग्रीष्मकालीन अभिरुचि कार्यशाला, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों, पुरा छात्र (एलुमनाई) सेल, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा शुल्क संरचना से संबंधित बिंदुओं पर भी चर्चा की गई।
राज्यपाल ने कहा कि छात्रावासों में वाशिंग मशीन सहित सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण मिल सके।
विश्वविद्यालय द्वारा विभिन्न संस्थाओं के साथ विविध विषयों पर हुए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु निर्देश दिया। उन्होंने संगीत एवं अन्य कलाओं में अल्पकालिक एवं सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जाने तथा ग्रीष्मकालीन अभिरूचि कार्यशाला में भी प्रमाण पत्र प्रदान करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हो सकें।
उन्होंने विश्वविद्यालय को विविध प्रवृत्तियों से जुड़े अल्प कालिक सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम संचालित करने तथा शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। साथ ही शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपलब्धियों के व्यवस्थित डॉक्यूमेंटेशन, सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों के फोटोग्राफ्स को उपयुक्त कैप्शन सहित संकलित एवं प्रस्तुतीकरण में शामिल करने के निर्देश दिए।
राज्यपाल ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के पुरा छात्र (एलुमनाई) का डाटाबेस तैयार करने, रिक्त पदों को शीघ्र भरने तथा राज्य विश्वविद्यालयों की भांति सभी व्यवस्थाओं एवं नियमावलियों को प्रभावी रूप से लागू करने पर बल दिया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय से जुड़े सभी विभागों, संकायाध्यक्ष, अध्यापकगण एवं सम्बन्धित अधिकारियों की बैठक आयोजित कर उनकी समस्याओं को समझा जाए और उनका समाधान किया जाए। उन्होंने कहा कि कला ईश्वर प्रदत्त प्रतिभा है, अतः इसमें गुणवत्ता को सर्वाेपरि रखा जाना चाहिए।
राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) की तैयारी के लिए विश्वविद्यालय में सभी को स्पष्ट दायित्व सौंपने, आई0क्यू0ए0सी0 को सशक्त बनाने तथा बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने नैक के सभी मानकों (क्राइटेरिया) का गंभीरता से अध्ययन करने, पाठ्यक्रमों में नैतिक शिक्षा को शामिल करने तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों से संबंधित आंकड़ों के व्यवस्थित संकलन पर भी जोर दिया।
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