
भागलपुर, 01 जून (हि.स.)। भारत सरकार द्वारा संचालित “खेत बचाओ अभियान” का शुभारंभ सोमवार को बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र बाढ़ पटना में गया। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के कुलपति डॉ. डी. आर. सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने किसानों एवं स्वयं सहायता समूहों से अपील की कि वे मिट्टी जांच के आधार पर ही संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें। उन्होंने हरित खाद के उपयोग को बढ़ावा देने तथा जैविक एवं प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान किया।
कुलपति ने किसानों को अपनी कुल कृषि योग्य भूमि के लगभग 25 प्रतिशत हिस्से में जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह दी, जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति एवं पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखा जा सके। प्रसार शिक्षा के सह निदेशक डॉ. आर. एन. सिंह ने किसानों से रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर जैविक एवं जीवाणु खादों के अधिकाधिक उपयोग की अपील की। वहीं कृषि अनुसंधान संस्थान, पटना के क्षेत्रीय निदेशक डॉ. एस. एन. दास ने औषधीय एवं सुगंधित फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर बल देते हुए बताया कि इन फसलों में कम लागत और कम क्षेत्रफल में अधिक लाभ प्राप्त करने की संभावनाएं हैं।
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र, बाढ़ की प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रीता सिंह ने जिले में संचालित किसान हितकारी योजनाओं की जानकारी दी तथा किसानों को प्राकृतिक खेती, जैविक खेती एवं बदलते जलवायु परिदृश्य में पोषक अनाजों की खेती अपनाने की सलाह दी।
तकनीकी सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक राजीव कुमार ने मिट्टी जांच, उर्वरकों के संतुलित उपयोग, जैविक एवं जीवाणु खादों तथा उर्वरक उपयोग दक्षता बढ़ाने के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी।
वहीं उद्यान वैज्ञानिक डॉ. पुष्पम पटेल ने उद्यानिकी फसलों में समेकित पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कृषि वानिकी अपनाने की सलाह दी, जिससे प्रति इकाई भूमि की उत्पादकता बढ़ने के साथ-साथ मृदा स्वास्थ्य का भी संरक्षण हो सके।
कार्यक्रम में कुल 268 पुरुष एवं महिला किसानों ने भाग लेकर टिकाऊ एवं पर्यावरण अनुकूल कृषि पद्धतियों को अपनाने का संकल्प लिया। यह अभियान किसानों को संतुलित पोषण प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग के प्रति जागरूक करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

