शिक्षा से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर आंदोलन तेज करेगी एसएफआई

मंडी, 05 जुलाई (हि.स.)। स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया मंडी जिला कमेटी की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला भर के शैक्षणिक संस्थानों की समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था पर बढ़ते हमलों तथा आगामी संगठनात्मक कार्यक्रमों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में केंद्र व प्रदेश सरकार की छात्र एवं शिक्षा विरोधी नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए।

जिला अध्यक्ष ऋतविक ने बताया कि बैठक में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, पेपर लीक और परीक्षा प्रबंधन में विफलताओं को गंभीर चिंता का विषय बताते हुए एनटीए को समाप्त करने तथा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफा देने की मांग की गई।

जिला सचिव दीपक कुमार एसएफआई ने मंडी जिला के महाविद्यालयों में विभिन्न विषयों और स्ट्रीमों को बंद किए जाने के फैसलों का कड़ा विरोध किया। संगठन ने मांग की कि लंबाथाच कॉलेज में बंद की जा रही विज्ञान संकाय, गाडागुशैणी कॉलेज तथा निहरी कॉलेज में बंद की जा रही बीकॉम सहित जिला के सभी बंद किए जा रहे विषयों और स्ट्रीमों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए। एसएफआई का कहना है कि शिक्षा के अवसरों को सीमित करना ग्रामीण और गरीब विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।

बैठक में यह भी कहा गया कि नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन जिला के अधिकांश रूटों पर बसों की भारी कमी बनी हुई है। विशेषकर दूरदराज़ क्षेत्रों के छात्रों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बैठक में कॉलेजों द्वारा पीटीए फंड के नाम पर छात्रों से 600 से 1000 तक वसूली किए जाने का भी विरोध किया गया। एसएफआई ने कहा कि जब सरकार स्वयं पीटीए के माध्यम से नए अध्यापकों की नियुक्ति नहीं कर रही है, तब छात्रों से इस प्रकार शुल्क लेना अनुचित और छात्र विरोधी है। संगठन ने इस वसूली पर तत्काल रोक लगाने तथा पहले से ली गई राशि की समीक्षा करने की मांग की।

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