एसआइआर के हेयरिंग प्रक्रिया के दौरान बुजुर्ग दंपति को हुई परेशानी सहना पड़ा अपमान

मेदनीपुर, 01 जनवरी (हि. स.)। मतदाता विशेष गहन पुर्निरीक्षण (एसआइआर) की सुनवाई प्रक्रिया के दौरान पूर्व मेदिनीपुर जिले के नंदीग्राम एक ब्लॉक में रहने वाली गौरीरानी पटनायक (72) तथा अशोक पटनायक (76) को बेहद परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि हेयरिंग सेंटर में उनके संग बदतमीजी भी की गयी।

उल्लेखनीय है कि गौरीरानी पटनायक के पति अशोक पटनायक दुर्गापुर स्टील प्लांट के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। दोनों बीमार हैं और उम्र ज़्यादा होने के कारण ज़्यादा चल नहीं पाते। फिर भी, उन्हें सुनवाई के लिये बुलाया गया। जबकि कमीशन के नियमों के अनुसार, 75 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों की सुनवाई उनके घर पर होनी चाहिए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, इसलिए वे सुबह जल्दी घर से निकले और सुनवाई केंद्र पहुंचे। उनको हेयरिंग सेंटर के बिल्डिंग की तीसरी मंज़िल तक सीढ़ियां चढ़नी पड़ीं। सुनवाई के बाद अशोक ने कहा कि उन्होंने मेरी पत्नी को सुनवाई के लिए बुलाया। मेरे साथ उनके रिश्ते को नहीं माना जा रहा है। उनके माता-पिता 30 साल पहले गुज़र चुके हैं। उनसे जुड़े कोई दस्तावेज़ नहीं हैं। मुझे इस बुढ़ापे में अपनी पत्नी को सुनवाई के लिए लाने पर मजबूर किया गया। उन्हें दस्तावेज़ों को लेकर परेशानी हुई।

उन्होंने कहा कि मुझसे कहा गया कि सरकारी दस्तावेज़ों के अलावा कुछ भी स्वीकार नहीं किया जाएगा। मैंने उनसे कहा कि मेरी सरकारी नौकरी थी। मुझे पेंशन मिलती है। मैंने उन्हें अपनी पेंशन बुक दिखाई। लेकिन वह पेंशन बुक भी स्वीकार नहीं की गई। मैंने अपने सभी दस्तावेज़ दिखाए। उन्होंने कहा कि इन सबको फेंक दो।

पति-पत्नी का आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया के दौरान उनका अपमान किया गया। अशोक ने कहा कि मैंने बार-बार कहा कि मैं उनका पति हूं। लेकिन उन्होंने इसे नहीं माना। एक व्यक्ति ने कहा ने कहा कि अब तुम उसके पति हो तो साबित करो।

दंपति के बेटे देबाशीष पटनायक ने कहा कि परिवार के बाकी सदस्यों को कोई दिक्कत नहीं है। सिर्फ़ मेरी मां और उनके मायके वालों के बीच का रिश्ता नहीं मिल रहा है। मेरे पिता ने सभी कागज़ दिखाए। उससे भी कोई फ़ायदा नहीं हुआ। बहुत बुरा लगता है कि इआरओ अधिकारी ने मेरे बुज़ुर्ग माता-पिता के साथ अपमानजनक व्यवहार किया।

इस मामले में संपर्क करने पर नंदीग्राम-1 ब्लॉक के प्रखंड अधिकारी शेख नज़ीरुद्दीन सरकार ने कहा कि दो-तीन जगहों पर सुनवाई का काम चल रहा है। हम जांच कर रहे हैं कि यह घटना कहां और किसकी टेबल पर हुई।

इस मामले ने राजनीतिक विवाद भी खड़ा कर दिया है। तमलुक संगठनात्मक ज़िला तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष सुजीत कुमार रॉय ने कहा कि एसआइआर (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट) की वजह से उन्हें यह साबित करना पड़ रहा है कि वे देश के नागरिक हैं। बुज़ुर्ग लोगों को बहुत ज़्यादा परेशानी हो रही है। इससे ज़्यादा शर्मनाक कुछ नहीं हो सकता। कमीशन आम लोगों पर ज़ुल्म कर रहा है।

दूसरी ओर तमलुक संगठनात्मक ज़िला भाजपा के महासचिव प्रलय पाल ने कहा कि भारतीय नागरिकता पाने के लिए सही दस्तावेज़ पेश करने होंगे। वहां उम्र कोई मायने नहीं रखती। तृणमूल इन कुछ लोगों का इस्तेमाल करके गंदी राजनीति कर रही है।

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हिन्दुस्थान समाचार / संतोष विश्वकर्मा

   

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