20 लाख से अधिक के एक्सपायरी खाद्य उत्पाद जब्त, तारीख बदलकर बाजार और ई-कॉमर्स पर बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
नई दिल्ली, 03 जुलाई (हि.स.)। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने एक्सपायरी और नियर-एक्सपायरी अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के खाद्य उत्पादों की निर्माण और एक्सपायरी तिथि बदलकर उन्हें नए उत्पाद के रूप में बाजार और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचने वाले एक बड़े संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने ओखला फेज-दो स्थित एक फैक्टरी पर छापा मारकर करीब 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के एक्सपायरी खाद्य उत्पाद, प्रिंटिंग व सीलिंग मशीनें, फर्जी लेबल, बारकोड और री-पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाला अन्य सामान बरामद किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरोह लंबे समय से इस कारोबार में सक्रिय था और दिल्ली समेत देश के विभिन्न राज्यों के अलावा विदेशों में भी माल भेजे जाने की आशंका है।
दक्षिण-पूर्वी जिले के पुलिस उपायुक्त डॉ. हेमंत तिवारी ने बताया कि मामले में कंपनी के मालिक समेत सात आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपितों की पहचान दर्शन सिंह सचदेवा (70) निवासी कंपनी मालिक, नितेश भारद्वाज (38) मैनेजर, नरेंद्र कुमार (42) अकाउंटेंट, कपिल (34) मशीन ऑपरेटर, लकी ओझा (45) वेयरहाउस कीपर तथा प्रेम यादव (33) और पवन कुमार यादव (32) सुपरवाइजर के रूप में हुई है। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि इस नेटवर्क से कई अन्य लोग भी जुड़े हैं।
बाल श्रमिकों की सूचना पर पहुंची टीम, खुल गया खाद्य घोटाले का राज
पुलिस उपायुक्त ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि ओखला फेज-दो स्थित वेस्टेन्ड कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड में बाल श्रमिकों से काम कराया जा रहा है। सूचना के आधार पर थाना ओखला इंडस्ट्रियल एरिया पुलिस ने एसडीएम बदरपुर, एफएसएसएआई और एनजीओ मिशन मुक्ति के साथ संयुक्त छापेमारी की। हालांकि, जांच के दौरान वहां कोई बाल श्रमिक नहीं मिला, लेकिन गोदाम और फैक्टरी की तलाशी में बड़ी मात्रा में एक्सपायरी और नियर-एक्सपायरी खाद्य उत्पाद मिले। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यहां संगठित तरीके से उत्पादों की निर्माण और एक्सपायरी तिथि बदलकर उन्हें नए सामान के रूप में बाजार में भेजा जा रहा था।
केमिकल से मिटाते थे पुरानी तारीख, मशीन से छापते थे नई
पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपित पहले सस्ते दामों पर एक्सपायरी के करीब पहुंच चुके या एक्सपायर हो चुके अंतरराष्ट्रीय ब्रांड के खाद्य उत्पाद खरीदते थे। इसके बाद केमिकल थिनर से पैकेटों पर छपी मूल निर्माण और एक्सपायरी तिथि मिटा दी जाती थी। फैक्टरी में लगी विशेष प्रिंटिंग मशीनों से नई निर्माण और एक्सपायरी तिथि छापी जाती थी। यही नहीं, उत्पादों पर नए बैच नंबर, बारकोड, एमआरपी और पोषण संबंधी स्टिकर भी लगाए जाते थे, ताकि किसी को भी यह पता न चल सके कि उत्पाद पहले ही एक्सपायर हो चुका है। इसके बाद उन्हें दोबारा पैक कर बिल्कुल नए उत्पाद की तरह तैयार कर बाजार में भेज दिया जाता था।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए भी होती थी सप्लाई
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह तैयार किए गए इन खाद्य उत्पादों को दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों के थोक बाजारों और अलग-अलग ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से बेचता था। शुरुआती जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि कुछ उत्पाद विदेशों में भी भेजे जा रहे थे। पुलिस इस नेटवर्क की पूरी सप्लाई चेन की जांच कर रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने थम्स अप, फैंटा, बॉर्नविटा, हॉर्लिक्स, घी, मैगी नूडल्स, दो लीटर के कोल्ड ड्रिंक पैक, कोल्ड ड्रिंक कैन, पेपर बोट जूस सहित बड़ी मात्रा में पैक्ड खाद्य एवं पेय पदार्थ बरामद किए। इसके अलावा प्रिंटिंग मशीन, सीलिंग मशीन, पैकेजिंग सामग्री, नकली स्टिकर, बारकोड, बैच नंबर, एमआरपी लेबल तथा निर्माण और एक्सपायरी तिथि बदलने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए गए। वहीं बरामद मशीनों और उपकरणों से स्पष्ट हो गया कि परिसर में पूरी तरह संगठित अवैध री-पैकेजिंग यूनिट संचालित की जा रही थी। यहां एक्सपायरी खाद्य उत्पादों को दोबारा तैयार कर बाजार में उतारा जाता था। पुलिस का मानना है कि यह कारोबार लंबे समय से चल रहा था और इससे आरोपित लाखों रुपये का अवैध मुनाफा कमा रहे थे। थाना ओखला इंडस्ट्रियल एरिया में एफआईआर संख्या 358/2026 भारतीय न्याय संहिता की धारा 275, 318(4), 336, 340 और 61(2) के तहत दर्ज की गई है।
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