सोना पप्पू मामले में बड़ी कार्रवाई, पूर्व पुलिस अधिकारी शांतनु विश्वास के कांदी स्थित घर को जब्त करने की तैयारी
- DSS Admin
- May 23, 2026
कोलकाता, 23 मई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय ने सोना पप्पू मामले में गिरफ्तार कोलकाता पुलिस के पूर्व उपायुक्त शांतनु सिन्हा विश्वास के मुर्शिदाबाद के कांदी स्थित पैतृक घर को जब्त करने की तैयारी शुरू कर दी है। शुक्रवार को ईडी अधिकारियों ने घर का ताला तोड़कर वहां तलाशी अभियान चलाया। इसी दिन विभिन्न स्थानों पर हुई कार्रवाई में लगभग दो किलोग्राम सोना, नकद राशि, मोबाइल फोन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
ईडी सूत्रों के अनुसार, शांतनु विश्वास के कांदी स्थित घर के दस्तावेजों की जांच की गई है और परिवार के सदस्यों से भी पूछताछ की गई। एजेंसी अब इस संपत्ति को जब्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है।
शांतनु सिंह विश्वास पहले कालीघाट थाने के प्रभारी रह चुके हैं। वह कांदी नगरपालिका के वार्ड संख्या आठ के निवासी हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि उनका पैतृक घर पहले जर्जर अवस्था में था, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में उसे भव्य भवन में बदल दिया गया। उनकी बहन गौरी सिंह विश्वास तृणमूल कांग्रेस संचालित नगरपालिका की सहायक चेयरपर्सन हैं। शांतनु की गिरफ्तारी के बाद इस आलीशान मकान को लेकर इलाके में काफी चर्चा शुरू हो गई थी।
शुक्रवार को ईडी ने कोलकाता के कई स्थानों पर भी छापेमारी की। कसबा में कोलकाता पुलिस के एक उप निरीक्षक के घर तथा चक्रबेड़िया में व्यवसायी अतुल कटारिया के आवास पर तलाशी ली गई। एजेंसी का दावा है कि इन लोगों के संबंध सोना पप्पू से मिले हैं। इसके अलावा रॉयड स्ट्रीट समेत कुल नौ स्थानों पर अभियान चलाया गया।
ईडी के मुताबिक, एक दिन की कार्रवाई में करीब दो किलोग्राम सोना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत लगभग तीन करोड़ रुपये है। इसके अलावा 10 लाख रुपये नकद भी बरामद हुए हैं।
जांच एजेंसी का कहना है कि बरामद मोबाइल फोन से कई चैट और अन्य जानकारियां मिटा दी गई थीं। अब उन्हें पुनः प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। इस सिलसिले में पूछताछ और जांच जारी है।
गौरतलब है कि कसबा के व्यवसायी विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू को कुछ दिन पहले ईडी ने गिरफ्तार किया था। उस पर धमकी देकर कम कीमत पर जमीन और संपत्तियां हथियाने का आरोप है। ईडी ने अदालत में बताया है कि इस मामले में तीन लोगों का एक संगठित गिरोह सक्रिय था। इसी मामले में बेहाला के व्यवसायी जय कामदार को भी गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी के अनुसार, यह गिरोह जमीन सिंडिकेट चलाता था और काफी प्रभावशाली माना जाता था। जांच के दौरान शांतनु सिन्हा विश्वास के साथ इनके वित्तीय लेनदेन के भी सुराग मिले हैं।

