सुपौल में बाढ़ अवधि शुरू, कोसी बराज से छोड़ा गया 25,850 क्यूसेक पानी; प्रशासन अलर्ट मोड में

सुपौल, 01 जून (हि.स.)। जिले में सोमवार से आधिकारिक रूप से बाढ़ अवधि की शुरुआत हो गई है। संभावित बाढ़ और कटाव की चुनौतियों को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।

जिलाधिकारी सावन कुमार के नेतृत्व में सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है तथा संवेदनशील तटबंधों और नदी क्षेत्रों की लगातार निगरानी शुरू कर दी गई है।

जल संसाधन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह 8 बजे कोसी बराज से डाउन स्ट्रीम में 25,850 क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया। वहीं नेपाल स्थित बराह क्षेत्र से 21,650 क्यूसेक जलप्रवाह रिकॉर्ड किया गया। वर्तमान में पूर्वी एवं पश्चिमी कोसी मुख्य नहरों में पानी का प्रवाह शून्य है।

प्रशासन का कहना है कि फिलहाल नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है, लेकिन मानसून के आगमन और नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में संभावित वर्षा को देखते हुए किसी भी स्थिति से निपटने की तैयारी की जा रही है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है और सभी प्रखंड व अंचल स्तर के अधिकारियों को लगातार स्थिति पर नजर बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

जिलाधिकारी ने बाढ़ सुरक्षा से जुड़े अभियंताओं एवं अधिकारियों को अपने-अपने कार्यस्थलों पर मुस्तैद रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बाढ़ अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन द्वारा जिले से होकर गुजरने वाली कोसी, तिलयुगा, बिड़ल, खाड़ो और जीता धार समेत अन्य प्रमुख नदियों के जलस्तर तथा तटबंधों की स्थिति पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। साथ ही लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें। बाढ़ अवधि की शुरुआत के साथ ही पूरे जिले में निगरानी एवं सतर्कता व्यवस्था को और मजबूत कर दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित आपदा से समय रहते प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

   

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