अपडेट: मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार तारकेश्वर पहुंचे शुभेंदु अधिकारी, ममता के धरना कार्यक्रम पर कसा तंज
- DSS Admin
- Jun 02, 2026
हुगली, 02 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को हुगली जिले के प्रसिद्ध तारकेश्वर मंदिर पहुंचे। दोपहर करीब 1:30 बजे उन्होंने बाबा तारकनाथ के मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद मंदिर परिसर के निकट स्थित एक अतिथि गृह में हुगली जिले के भाजपा विधायकों के साथ बैठक की।
कोलकाता से सड़क मार्ग द्वारा दुर्गापुर एक्सप्रेसवे, सिंगुर, कामारकुंडु, नालिकुल, जयकृष्णबाजार, पद्मपुकुर और चाउलपट्टी होते हुए मुख्यमंत्री तारकेश्वर पहुंचे। मंदिर में पूजा के बाद उन्होंने कहा कि इस वर्ष श्रावणी मेले का आयोजन पहले से अधिक भव्य और व्यापक रूप से किया जाएगा।
मंदिर परिसर से बाहर निकलकर पत्रकारों से बातचीत के दौरान शुभेंदु अधिकारी ने धर्मतला के वाई-चैनल में तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के धरना कार्यक्रम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, क्या दुर्दशा हो गई है, 150 लोग भी नहीं जुटे। उन्होंने यह भी टिप्पणी की कि तृणमूल अब फलता हो गई है।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकार ने तारकेश्वर ट्रस्ट बोर्ड की आर्थिक सहायता बंद कर दी थी। उन्होंने कहा कि वह राज्य की मंत्री अग्निमित्रा पाल और मुख्य सचिव को ट्रस्ट बोर्ड के लिए वित्तीय सहायता पुनः शुरू करने का निर्देश देंगे।
उल्लेखनीय है कि विपक्ष के नेता रहते हुए वर्ष 2022 में नवान्न अभियान के समर्थन में शुभेंदु अधिकारी ने तारकेश्वर में एक विशाल रैली की थी। उस दौरान उन पर काले झंडे दिखाने और पथराव किए जाने का आरोप तृणमूल कांग्रेस पर लगा था। इसके बाद 2023 के पंचायत चुनाव से पहले भी उन्होंने यहां जनसभा की थी। राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व वह भगवान राम की प्रतिमा सिर पर रखकर पूरे तारकेश्वर नगर की परिक्रमा भी कर चुके हैं।
भाजपा लंबे समय से तारकेश्वर को देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्रों में विकसित करने की बात करती रही है। विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी तारकेश्वर मंदिर में पूजा कर कहा था कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने पर तारकेश्वर का विकास काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी अपने चुनावी भाषणों में तारकेश्वर के विकास का उल्लेख कर चुके हैं।
ऐसे में मुख्यमंत्री बनने के बाद शुभेंदु अधिकारी की पहली तारकेश्वर यात्रा को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि उनकी सरकार मंदिर और आसपास के क्षेत्र के विकास को नई गति देगी।
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