खांसी में खून आना हमेशा टीबी का लक्षण नहीं होता : डॉ. सूर्यकान्त
- DSS Admin
- May 10, 2026
लखनऊ, 10 मई (हि.स.)। इंडियन एसोसिएशन फॉर ब्रोंकोलॉजी (आईएबी) एवं किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को अटल बिहारी वाजपेयी साइंटिफिक कन्वेंशन सेंटर, केजीएमयू, लखनऊ में बेसिक ब्रोंकोस्कोपी सर्टिफिकेशन कोर्स एवं हैंड्स-ऑन वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया।
इस अवसर पर केजीएमयू के पल्मोनरी मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सूर्यकान्त ने अपने विस्तृत व्याख्यान में बताया कि सामान्यतः लोग एवं कई चिकित्सक खांसी में खून आने का कारण केवल टीबी को मानते हैं, जबकि फेफड़ों का कैंसर, ब्रोंकाइटिस, ब्रोंकिइक्टेसिस, निमोनिया एवं पोस्ट-टीबी भी इसके प्रमुख कारण हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि हेमोप्टाइसिस के कारणों की सही पहचान के लिए ब्रोंकोस्कोपी अत्यंत उपयोगी जांच है।
हेमोप्टाइसिस के निदान एवं प्रबंधन में ब्रोंकोस्कोपी की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला, विशेषकर जीवन-रक्षक परिस्थितियों में इसकी उपयोगिता को विस्तार से समझाया।
उन्होंने अपनी प्रकाशित पुस्तक अध्यायों एवं शैक्षणिक कार्यों के अनुभव साझा करते हुए बताया कि हेमोप्टाइसिस रेस्पिरेटरी मेडिसिन की सबसे महत्वपूर्ण एवं चुनौतीपूर्ण आपात स्थितियों में से एक है। उनका व्याख्यान खांसी में खून आने के कारणों की व्यावहारिक पहचान पर आधारित होने के कारण अत्यंत सराहा गया।

