सभी मृतक अपने माता पिता के इकलौते बेटे थे हमीरपुर, 25 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा कोतवाली क्षेत्र के ग्राम खण्डेह स्थित कलारन तालाब में हादसे ने सिर्फ तीन बच्चों की जान नहीं ली, बल्कि तीन पिताओं के बुढ़ापे की लाठी और तीन माताओं के जीने का सहारा छीन लिया। इस त्रासदी का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि मृतक तीनों ही बच्चे अपने-अपने माता-पिता के इकलौते बेटे थे और बहनों के बीच अकेले भाई थे।
मृतक आदित्य तीन बहनों के बीच अकेला भाई था, जिसके पिता राजू कुशवाहा मजदूरी कर परिवार पालते हैं। वहीं सीताराम का 10 वर्षीय बेटा भोला भी दो बहनों का इकलौता भाई था। घनश्याम का पुत्र प्रबल भी अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। अस्पताल के गलियारे में आदित्य की मां की चीखें वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम कर रही थीं। उन्होंने रोते हुए बताया कि सुबह बेटे ने घर से निकलते समय कहा था कि वह बाहर खेलने जा रहा है। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह तालाब में नहाने चला जाएगा, वरना वह उसे घर से बाहर ही न निकलने देतीं। तीनों घरों की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है, कई महिलाएं बार-बार बेहोश हो रही हैं, उन्हें ढांढस बंधाने की हिम्मत गांव के किसी शख्स में नहीं जुट पा रही है।
तालाब के पास नहीं था कोई सुरक्षा उपकरणहादसे ने ग्रामीण इलाकों में जल निकायों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर गहरा आक्रोश है कि गर्मी के दिनों में अक्सर बच्चे इन तालाबों का रुख करते हैं, लेकिन प्रशासन या ग्राम पंचायत द्वारा यहां कोई चेतावनी बोर्ड या सुरक्षा घेरा नहीं लगाया गया है। तालाबों के घाटों पर गहरे पानी का कोई संकेत न होने से अक्सर ऐसे हादसे होते रहते हैं। कोतवाली प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया जाएगा। फिलहाल पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और किसी भी घर में चूल्हा नहीं जला है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
अस्पताल ले जाने की जल्दबाजी, बाइक और पुलिस वैन का सहाराघटना के बाद मौके पर कोहराम मच गया। ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी। लेकिन बच्चों की सांसें बचाने की जल्दबाजी में ग्रामीण एम्बुलेंस का इंतजार नहीं कर सके। वह आनन-फानन में तीनों बच्चों को मोटरसाइकिल पर लादकर खंडेह से मौदहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (18 किलोमीटर) के लिए भागे। अभी वह रास्ते में 12 किलोमीटर आ पाए थे कि सिजनौडा गांव के पास सामने से कोतवाली प्रभारी की गाड़ी आती दिखी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बच्चों को तुरंत पुलिस की गाड़ी में शिफ्ट किया गया और सीधे सीएचसी पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने जांच के बाद तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया।
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