गैंगस्टर तारबाबू के चचेरे भाई की 2.10 करोड़ की कुर्क संपत्ति पर प्रशासन का कब्जा बरकरार
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
देवरिया, 03 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र में गैंगस्टर तारबाबू के चचेरे भाई और उसके गिरोह के सक्रिय सदस्य रहे हृदयानंद यादव को अदालत से बड़ा झटका लगा है। गैंगस्टर एक्ट की विशेष अदालत ने उसकी लगभग 2.10 करोड़ रुपये मूल्य की कुर्क संपत्ति को यथावत रखने का आदेश देते हुए कुर्की निरस्त करने की याचिका खारिज कर दी है।
विशेष लोक अभियोजक वाचस्पति मिश्र ने बताया कि बनकटा थाना क्षेत्र के रुस्तम बहियारी गांव निवासी तारबाबू के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और गैंगस्टर एक्ट समेत कई गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में प्रशासन ने उसकी करीब 6.50 करोड़ रुपये की संपत्ति भी कुर्क की थी। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि उसका चचेरा भाई हृदयानंद यादव गिरोह का सक्रिय सदस्य था और उसने भी कथित रूप से आपराधिक गतिविधियों के जरिए बड़ी संपत्ति अर्जित की थी।
मामले में बनकटा पुलिस ने जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी थी, जिसके आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी अमित किशोर ने 11 सितंबर 2020 को हृदयानंद यादव की संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया था। इसके तहत सलेमपुर क्षेत्र के पिपरा मोहन स्थित मकान, भूमि और अन्य अचल संपत्तियों को कुर्क कर तहसील प्रशासन के सुपुर्द कर दिया गया था। कुर्की की कार्रवाई के खिलाफ हृदयानंद यादव ने गैंगस्टर कोर्ट में याचिका दाखिल कर संपत्तियों को मुक्त कराने की मांग की थी। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट एफटीसी- द्वितीय जगन्नाथ की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद याचिका को खारिज कर दिया।
विशेष लोक अभियोजक वाचस्पति मिश्र ने बताया कि अदालत ने आरोपित की अपील अस्वीकार करते हुए कुर्क संपत्तियों पर प्रशासन का कब्जा बरकरार रखने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद लगभग 2.10 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति की कुर्की यथावत बनी रहेगी। अदालत के इस निर्णय को गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।----------------------

