(अपडेट) चेन्नई में 300 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी मामले में ईडी की छापेमारी

चेन्नई, 19 मई (हि.स.)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) से कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के जरिए लगभग 300 करोड़ रुपये का ऋण लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में मंगलवार को चेन्नई के कई स्थानों पर छापेमारी अभियान चला रहा है। यह कार्रवाई बैंक धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग और अवैध वित्तीय लेन-देन से जुड़े आरोपों के आधार पर की जा रही है।

दरअसल, गुम्मिडीपूंडी स्थित एक निजी कंपनी ने वर्ष 2008 से 2014 के बीच भारतीय स्टेट बैंक से अलग-अलग चरणों में भारी मात्रा में ऋण प्राप्त किया था। आरोप है कि कंपनी ने ऋण हासिल करने के लिए कई फर्जी और भ्रामक दस्तावेज बैंक में जमा किए थे। शुरुआत में कंपनी ने खुद को वित्तीय रूप से सक्षम और व्यवसायिक रूप से स्थिर दिखाया, लेकिन बाद में ऋण की राशि वापस नहीं की गई। लंबे समय तक भुगतान नहीं होने और खातों में अनियमितता पाए जाने के बाद बैंक प्रबंधन को धोखाधड़ी की आशंका हुई।

इसके बाद एसबीआई अधिकारियों ने मामले की आंतरिक जांच कराई, जिसमें कई दस्तावेज संदिग्ध पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर बैंक ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने कंपनी और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। सीबीआई की जांच के दौरान वित्तीय लेन-देन और धन के कथित अवैध हस्तांतरण के संकेत मिलने पर मामला मनी लॉन्ड्रिंग के दायरे में आया, जिसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी जांच अपने हाथ में ले ली।

इसी कड़ी में मंगलवार सुबह ईडी की कई टीमों ने चेन्नई के अन्ना नगर, अयनावरम, थिरुमंगलम समेत आठ से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी शुरू की। अधिकारियों ने कई आवासीय परिसरों, कारोबारी प्रतिष्ठानों और फाइनेंसरों से जुड़े कार्यालयों में दस्तावेजों की गहन जांच की। अन्ना नगर स्थित एक अपार्टमेंट में रहने वाले दो व्यक्तियों के घरों में सुबह से ही विस्तृत तलाशी अभियान चलाया गया।

जांच एजेंसियों को संदेह है कि बैंक से धोखाधड़ी के जरिए प्राप्त धन को अलग-अलग माध्यमों से निवेश किया गया और उसके स्रोत को छिपाने के लिए कई वित्तीय लेन-देन किए गए। इसी कारण ईडी की जांच का दायरा केवल कंपनी तक सीमित नहीं रहकर उससे जुड़े फाइनेंसरों और कारोबारी नेटवर्क तक भी पहुंच गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, पुरानी कारों की खरीद-बिक्री और फाइनेंसिंग से जुड़े कुछ लोगों के घरों और दफ्तरों में भी ईडी ने छापेमारी की है। अयनावरम इलाके में रहने वाले एक फाइनेंसर के आवास पर वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित धोखाधड़ी की रकम का इस्तेमाल किन-किन क्षेत्रों में किया गया और किन लोगों को इससे लाभ पहुंचा।

ईडी की टीमें बैंक खातों, संपत्ति से जुड़े कागजात, डिजिटल डेटा, कंप्यूटर हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की भी जांच कर रही हैं। माना जा रहा है कि छापेमारी के दौरान एजेंसी को कई अहम दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आगे और खुलासे हो सकते हैं।

हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय की ओर से अभी तक इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने और दस्तावेजों के विश्लेषण के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आएगी।--------------

   

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