मुख्य सचिव ने निवेश आकर्षित करने और आधारभूत ढांचा मजबूत करने पर दिया जोर

जम्मू। स्टेट समाचार
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने शुक्रवार को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) नीति के प्रारंभिक मसौदे पर उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। योजना, विकास एवं निगरानी विभाग द्वारा सेंटर फॉर इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड गवर्नेंस (सीआईटीएजी) के माध्यम से तैयार की जा रही इस नीति का उद्देश्य निजी निवेश को बढ़ावा देना तथा जम्मू-कश्मीर में आधारभूत ढांचे और सार्वजनिक सेवाओं के विकास में तेजी लाना है। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों की क्षमता निर्माण पर विशेष जोर देते हुए कहा कि नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विभिन्न स्तरों पर अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना आवश्यक है। उन्होंने उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को सुझावों के आधार पर मसौदे को अंतिम रूप देकर अगले एक महीने के भीतर व्यापक और व्यवस्थित नीति तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही सीआईटीएजी को विभिन्न क्षेत्रों में पीपीपी परियोजनाओं की पहचान कर उनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संस्थागत व्यवस्था विकसित करने को कहा।
बैठक में प्रस्तावित नीति के तहत शहरी अवसंरचना, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, ऊर्जा, बिजली, पर्यटन, आतिथ्य और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निजी भागीदारी को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। प्रस्तुति में निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने, आवश्यक मंजूरियों में तेजी लाने, पारदर्शी नियामक ढांचा विकसित करने तथा परियोजनाओं की स्वीकृति, निगरानी और क्रियान्वयन के लिए स्पष्ट संस्थागत व्यवस्था का प्रस्ताव रखा गया। विभिन्न विभागों के प्रशासनिक सचिवों और अधिकारियों ने मसौदे को और व्यावहारिक एवं प्रभावी बनाने के लिए सुझाव दिए। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि सभी सुझावों को शामिल कर निवेशकों के अनुकूल, पारदर्शी और विकासोन्मुख पीपीपी नीति तैयार की जाएगी, जिससे जम्मू-कश्मीर में निजी निवेश और आधारभूत ढांचा विकास को नई गति मिल सके।

   

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