जींद, 17 मई (हि.स.)। ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन ने रविवार को भी अपनी हड़ताल जारी रखी और लघु सचिवालय पर धरना दिया। जिसकी अध्यक्षता यूनियन के जिला उपाध्यक्ष मनफूल व संचालन सचिव पवन कुमार ने किया। धरने पर बैठे ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने अपनी हडताल को 20 मई तक बढा दिया है।
हड़ताल में शामिल सफाई कर्मचारियों को यूनियन के राज्य अध्यक्ष बसाऊ राम ने संबोधित करते हुए बताया कि 19 साल से ग्रामीण सफाई कर्मचारियों का भयंकर शोषण हो रहा है। ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को न कर्मचारी का दर्जा दिया जा रहा और ना ही पूरा वेतन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि शहरी और ग्रामीण सफाई कर्मचारी लगातार आंदोलन कर रहे हैं। पॉलिसी बनाकर पक्का करने, 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय का आदेश लागू करनेए 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की भर्ती करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार और 27 हजार रूपये वेतन लागू करनेए एक्सग्रेसिया नीति बनाने तथा कर्मचारी की मृत्यु होने पर 50 लाख मुआवजा देने की मांग आदि को लेकर लगातार आंदोलन करते आ रहे हैं लेकिन सरकार सफाई कर्मियों की आवाज को अनसुना कर रही है।
राज्य कमेटी की ऑनलाइन बैठक में ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा ने अपने संघर्ष को जारी रखते हुए राज्यव्यापी हड़ताल को 20 मई तक जारी रखने का निर्णय लिया है। वहीं हड़ताल के साथ मंत्री और मुख्यमंत्री को आवास का घेराव करने की भी निर्णय लिया है। उन्होंने मांग की कि कच्चे सफाई कर्मियों को एक कलम से पक्का किया जाए। 31 दिसंबर 2025 के उच्च न्यायालय के आदेश को लागू किया जाए। 400 की आबादी पर एक कर्मचारी की स्थाई भर्ती की जाए।
मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 26 हजार व 27 हजार मासिक वेतन लागू किया जाए। वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता और औजारों के भत्ते में बढ़ोतरी की जाए। एक्सग्रेसिया पॉलिसी लागू की जाए तथा मृतक कर्मचारी के परिजन को स्थाई नौकरी दी जाए। दुर्घटना में मौत होने पर 50 लाख मुआवजा राशि तथा साधारण मौत पर 20 लाख राशि दी जाए। सेवानिवृत्त पर एक मुश्त 10 लाख रुपये और ग्रेच्यूटी का लाभ दिया जाए। काम के औजार और वर्दी भत्ता, धुलाई भत्ता बढ़ाया जाए।
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