केदारनाथ यात्रा और मानसून तैयारियों की प्रभारी मंत्री ने की समीक्षा, बोले-सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता

रुद्रप्रयाग, 15 जून (हि.स.) कृषि मंत्री एवं रुद्रप्रयाग के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं तथा मानसून सीजन के मद्देनजर आपदा प्रबंधन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुरक्षा स्वच्छता और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने यात्रा मार्ग पर शौचालयों, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, सोलर एवं स्ट्रीट लाइट, शटल सेवा, ट्रैफिक प्रबंधन और पार्किंग व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने यात्रा मार्ग पर स्वच्छता बनाए रखने, पर्याप्त सफाई कर्मियों की तैनाती तथा सेक्टर मजिस्ट्रेटों द्वारा नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा।

मानसून के दौरान संभावित आपदाओं को देखते हुए मंत्री ने संवेदनशील स्थानों पर जेसीबी और अन्य मशीनरी अग्रिम रूप से तैनात रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों की सभी तैयारियां पूर्ण रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम खराब होने पर होल्डिंग क्षेत्रों में रोके जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, शौचालय, चिकित्सा और प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए।

गणेश जोशी ने सोशल मीडिया पर यात्रा से संबंधित भ्रामक सूचनाओं और अफवाहों की निगरानी करने तथा गलत जानकारी का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष चारधाम यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं,जो धामों के प्रति लोगों की गहरी आस्था का प्रमाण है। सरकार और प्रशासन का प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित और सुव्यवस्थित यात्रा का अनुभव मिले।

बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा ने बताया कि यात्रा शुरू होने के बाद अब तक 12 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा अवधि में 1.80 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान की गई हैं, जबकि 83 गंभीर मरीजों का हेली रेस्क्यू कर उच्च चिकित्सा संस्थानों तक पहुंचाया गया है।

उन्होंने बताया कि यात्रा कंट्रोल रूम से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है तथा स्वास्थ्य, पेयजल, विद्युत, परिवहन, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन की व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हैं। साथ ही आठ हजार से अधिक घोड़ा-खच्चरों का पंजीकरण और बीमा किया जा चुका है तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।

बैठक के बाद प्रभारी मंत्री ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र और यात्रा कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर यात्रा की निगरानी व्यवस्था का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

   

सम्बंधित खबर