रुद्रप्रयाग में नाबालिग की सगाई पर प्रशासन सख्त, परिजनों ने 18 वर्ष से पहले विवाह न करने का दिया आश्वासन

रुद्रप्रयाग, 30 जून (हि.स.)। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में 16 वर्षीय नाबालिग की जबरन सगाई हाेने पर जिला प्रशासन ने तुरंतकार्रवाई की और परिजनों से बालिग होने से पहले विवाह न करने का लिखित आश्वासन लिया है।

जिला सूचना कार्यालय के अनुसार अगस्त्यमुनि ब्लॉक की बछणस्यूं पट्टी में नाबालिग की जबरन सगाई कराए जाने की शिकायत कंट्रोल रूम को मिली थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने तत्काल जांच के निर्देश दिए। जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अखिलेश कुमार मिश्र के निर्देश पर वन स्टॉप सेंटर,चाइल्ड हेल्पलाइन और मिशन शक्ति की संयुक्त टीम को मौके पर भेजा गया। जांच में पता चला कि चार दिन पहले ही नाबालिग की सगाई पौड़ी जिले के एक युवक से कर दी गई थी। पूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि बालिका पिछले दो वर्षों से युवक के संपर्क में थी और उसी से विवाह करने का दबाव बना रही थी,जिसके चलते परिवार ने उसकी सगाई कर दी।

टीम ने लड़की के परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए चेतावनी दी कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका का विवाह कराने पर दो वर्ष तक की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि नाबालिग से संबंध होने की स्थिति में संबंधित युवक के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। इसके बाद परिजनों ने लिखित रूप से आश्वासन दिया कि बालिका के 18 वर्ष की आयु पूरी होने से पहले उसका विवाह नहीं कराया जाएगा। प्रशासन ने युवक को भी पूछताछ के लिए बुलाया है ताकि उसे बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के प्रावधानों की जानकारी दी जा सके। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित आयु से पहले विवाह कराया गया तो संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

   

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