मुख्यमंत्री योगी ने 21 विभागों में विभिन्न पदों पर चयनित 932 अभ्यर्थियों को दिया नियुक्ति पत्र

लखनऊ, 18 मई (हि.स.)। योगी सरकार के मिशन रोजगार के अंतर्गत सोमवार को 21 विभागों में विभिन्न पदों पर 932 युवा शामिल हुए। उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 के अंतर्गत चयनित युवाओं को सोमवार को नियुक्ति पत्र वितरित किया गया। लोकभवन में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति पत्र पाकर नवचयनितों के चेहरे खिल उठे।

मुख्यमंत्री योगी ने नवचयनित युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी ढंग से संपन्न करने के लिए उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग को बधाई दी। चयनित अभ्यर्थियों की हौसला अफजाई करते हुए योगी ने कहा कि जो भी अधिकारी व कर्मचारी भारतीय प्रशासनिक व्यवस्था में यूपी के अंदर काम कर लेगा, देश-दुनिया में उसके लिए कुछ भी असंभव नहीं है। जो यूपी में सफल है, वह हर जगह सफल है, क्योंकि 25 करोड़ आबादी का यूपी अलग-अलग परिस्थितियों में काम करता है। सम-विषम परिस्थितियों में परिणाम भी देता है। आप सभी को ऐसे राज्य में कार्य करने का अवसर प्राप्त हो रहा है।

आपकी सफलता प्रदेश की सफलता का आधार बनना चाहिए

मुख्यमंत्री योगी ने चयनित युवाओं से कहा कि यह आपके, माता-पिता, अभिभावक, पारिवारिक सदस्यों, मित्रों के लिए खुशी का पल है। आपकी सफलता प्रदेश की सफलता का आधार बनना चाहिए। जिस पारदर्शी तरीके से आपका चयन हुआ है, शासन भी सर्विस कालखंड के दौरान उसी पारदर्शी व शुचितापूर्ण कार्यपद्धति की अपेक्षा करता है। जो कार्य आज करना है, उसे आज ही करने की आदत डालनी पड़ेगी। पहले 10 वर्ष में जो मेहनत कर पाएंगे, वह आपके आगे के 30-35 वर्ष के सेवाकाल व उसके बाद के कार्यकाल के लिए भी मजबूत नींव होगी। परिश्रम व्यक्ति को सफलता की ऊंचाई तक पहुंचाता है। आपका परिश्रम ईमानदार व्यवस्था के साथ जुड़ता है तो परिणाम आता है। यही परिणाम आगे भी परिश्रम का आधार बनेगा तो वह जीवन भर सुखद अनुभूति का अहसास कराएगा।

सिफारिश और लेन-देन से चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति कराएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शासन की मंशा, व्यवस्था और कार्ययोजना क्या है। उसे इंप्लीमेंट करने के लिए भर्ती आयोग व बोर्ड की कार्यपद्धति उदाहरण बनती है। अगर भर्ती प्रक्रिया ही पारदर्शी व शुचितापूर्ण न हो तो जिन लोगों का चयन होगा, उनसे ईमानदारी से परिणाम देने, प्रदेश की गति को प्रगति व समृद्धि की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान देने की बात दिवास्वप्न ही होगी। गति को प्रगति की ओर वही ले जा सकता है, जिसका ईमानदारी से चयन हो और जिसने परिश्रम-मेहनत से स्थान प्राप्त किया है। सिफारिश और पैसे के लेन-देन से चयनित व्यक्ति प्रगति नहीं, दुर्गति कराएगा। 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में यही होता था।

जब प्रदेश इस व्यवस्था से निकला तो आपकी आयु 10-15 वर्ष रही होगी। आप मां-बाप, भाई-बहन की अंगुली पकड़कर स्कूल जाते होंगे। आप सौभाग्यशाली हैं कि आपको नकल विहीन परीक्षा देने का अवसर प्राप्त हुआ। आपने स्कूली शिक्षा, विश्वविद्यालय, प्रतियोगी परीक्षाओं के परिणाम के साथ ही चयन प्रक्रिया की शुचितापूर्ण व्यवस्था भी देखी है, लेकिन 2017 से पहले यह संभव नहीं था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मंच पर सीमित लोगों को ही बुलाकर नियुक्ति पत्र दिया गया। सभी 932 अधिकारी सीधे नियुक्ति पत्र पाने के अधिकारी हैं, लेकिन समय की सीमा है। हमने विभागीय मंत्रियों को प्रतिनिधि के रूप में रखा। यह वह टीम है, जो पीएम के विजन को अपने विभागों में इंप्लीमेंट करने के लिए कार्यक्रमों को लागू करती है।

योगी ने कहा कि नौ वर्ष में नौ लाख से अधिक नौजवानों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए हैं। यह नौजवान नियुक्ति पत्र प्राप्त नहीं कर पाते, यदि अच्छी सरकार नहीं होती। लोकतंत्र में अच्छी सरकार का यही लाभ है।

उन्होंने कहा कि सिर्फ हमारे योजना बनाने से ही परिणाम नहीं आएगा। शासन योजनाएं बनाता है। योजनाओं को धरातल पर क्रियान्वित करने का जो तंत्र होता है, वह प्रशासन व अलग-अलग विभागों का होता है। अलग-अलग विभागों को अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए कार्य करना है, परिणाम वहां से आते हैं। परिणाम को लाने की जवाबदेही-जिम्मेदारी इसी तंत्र पर होती है, जो राजनीतिक विजन को धरातल पर उतारने का कार्य करता है।

नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, योगी सरकार के मंत्री सुरेश खन्ना, ओमप्रकाश राजभर, दारा सिंह चौहान, दयाशंकर सिंह, रविंद्र जायसवाल, बलदेव सिंह औलख, विजय लक्ष्मी गौतम, दानिश आजाद अंसारी आदि मौजूद रहे।

नायब तहसीलदार पद पर सर्वाधिक 258 युवा हुए चयनित

विभिन्न पदों पर चयनित 932 अभ्यर्थियों में सर्वाधिक (258 युवा) नायब तहसीलदार बने। 196 सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर) तथा 142 युवाओं को वाणिज्य कर अधिकारी पद पर नियुक्ति मिली। 72 युवा खंड विकास अधिकारी बने।

यूपी में हुई नई नियुक्ति

-उप जिलाधिकारी- 37

-पुलिस उपाधीक्षक- 17

-सहायक आयुक्त (वाणिज्य कर)- 196

-सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी- 16

-कोषाधिकारी/लेखाधिकारी- 22

-जिला कमांडेंट होमगार्ड्स- 02

-कारागार अधीक्षक- 01

-सहायक आयुक्त (उद्योग)- 18

-कार्य अधिकारी- 23

-खंड विकास अधिकारी- 72

-जिला समाज कल्याण अधिकारी- 09

-जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी- 01

-जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी- 05

-वाणिज्य कर अधिकारी- 142

-जिला खाद्य विपणन अधिकारी-02

-नायब तहसीलदार- 258

-उप कारापाल- 60

-जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी- 04

-उप निबंधक- 40

-उप्र कृषि सेवा समूह ‘ख’ सेक्शन-सी, श्रेणी-2, सांख्यिकी अधिकारी-03

-सहायक नियंत्रक विधिक माप विज्ञान श्रेणी 2 – 01

-व्यवस्थापक, राज्य संपत्ति विभाग-02

-सहायक निदेशक, उद्योग (हथकरघा)-01

   

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