पी.एम. श्री राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में 75 वर्ष बाद पहुंचे यश भारती सम्मानित डॉ. राम रतन बनर्जी, भावनाओं से सराबोर हुआ प्रतिभा सम्मान समारोह
- DSS Admin
- May 15, 2026



गोरखपुर, 15 मई (हि.स.)। पी.एम. श्री राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, गोरखपुर का ऐतिहासिक परिसर शुक्रवार काे भावनाओं, स्मृतियों और गौरव के अद्भुत संगम का साक्षी बना। अवसर था अन्नपूर्णा देवी मेमोरियल फाउंडेशन, गोरखपुर द्वारा आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह का, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों की मेधावी प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। समारोह यश भारती सम्मान से अलंकृत डॉ. राम रतन बनर्जी लगभग 75 वर्ष बाद अपने पुराने विद्यालय जुबिली इंटर कॉलेज पहुंचे।
अपने उद्बोधन में डॉ. बनर्जी ने कहा कि जुबिली स्कूल के मंच पर खड़े होकर उनका मन अत्यंत भावुक हो उठा है। उन्हें ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो वर्षों पुरानी स्मृतियां पुनः जीवित हो गई हों। उन्होंने बताया कि वे वर्ष 1943 में इसी विद्यालय में कक्षा तीन के विद्यार्थी थे। उस समय की शिक्षा, अनुशासन, संस्कार और गुरुजनों का स्नेह आज भी उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। डॉ. बनर्जी ने वर्ष 1947 में देश की स्वतंत्रता के समय की स्मृतियों को साझा करते हुए बताया कि आजादी के दिन विद्यालय का वातावरण उत्साह, उमंग और देशभक्ति से भरा हुआ था। विद्यार्थियों से घर से दस-दस दीये लाने को कहा गया था। बच्चे गांधी टोपी पहनकर हाथों में दीये लिए विद्यालय पहुंचे थे और पूरा परिसर दीपों की रोशनी से जगमगा उठा था। उन्होंने कहा कि उस दिन मिले लड्डू और जलेबी का स्वाद आज भी उनके मन में बसा है, क्योंकि वह केवल मिठाई नहीं, स्वतंत्र भारत की पहली खुशी थी।
अपने छात्र जीवन की रोचक घटना सुनाते हुए उन्होंने तत्कालीन हेडमास्टर भाटिया साहब को याद किया। उन्होंने बताया कि विद्यालय परिसर में एक बड़ा इमली का पेड़ था। एक दिन वे अपने मित्र के साथ चुपके से इमली तोड़ने गए। तभी भाटिया साहब वहां आ गए। मित्र तो भाग गया, लेकिन वे पेड़ पर ही फंस गए। डरते-डरते नीचे उतरने के बाद भाटिया साहब ने उन्हें केवल डांटा नहीं, बल्कि स्नेहपूर्वक समझाया कि विद्यालय अनुशासन और शिक्षा का पवित्र स्थान है। डॉ. बनर्जी ने कहा कि उस दिन की सीख जीवनभर उनके मन में अंकित रही।
विद्यार्थियों को संदेश देते हुए डॉ. राम रतन बनर्जी ने कहा कि जीवन में कितना भी आगे बढ़ जाएं, अपने विद्यालय और अपने गुरुओं को कभी नहीं भूलना चाहिए। यही वह स्थान होता है, जहां से सपनों को उड़ान मिलती है। उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, ईमानदारी और अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया।
समारोह में विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेन्द्र सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व प्रवक्ता पी.डी. दुबे, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के वित्त अधिकारी जे.एम. राव, अभियान थियेटर के अध्यक्ष श्रीनारायण पाण्डेय, डी.वी. पी.जी. कॉलेज गोरखपुर की प्राचार्य डॉ. शैल पाण्डेय तथा पूर्वांचल की वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सिका डॉ. रचना बनर्जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। अन्नपूर्णा देवी मेमोरियल फाउंडेशन की निदेशक डॉ. रोली लाट एवं डॉ. एस.के. लाट ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के आयोजन में पी.एम. श्री राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज, गोरखपुर के प्रधानाचार्य डॉ. विश्व प्रकाश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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