विंध्याचल धाम में नाविकों की सूझबूझ से बची दो श्रद्धालुओं की जान

मीरजापुर, 17 जून (हि.स.)। विंध्याचल के पक्का घाट पर बुधवार सुबह गंगा स्नान के दौरान गहरे पानी में डूब रहे दो श्रद्धालुओं को स्थानीय नाविकों ने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

मां विंध्यवासिनी के दरबार में मुंडन एवं जनेऊ संस्कार के शुभ मुहूर्त के चलते श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। इसी दौरान गोरखपुर से परिवार के साथ दर्शन-पूजन के लिए आए आशीष मिश्र और अनमोल पांडेय गंगा स्नान करते समय गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। दोनों को डूबता देख घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई और शोर-शराबा होने लगा।

श्रद्धालुओं की चीख-पुकार सुनकर घाट पर मौजूद नाविक चनिका निषाद और अर्जुन तत्काल नाव लेकर मौके पर पहुंचे। उन्होंने बांस के सहारे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। समय रहते किए गए इस साहसिक प्रयास से एक बड़ा हादसा टल गया। बचाए गए श्रद्धालुओं के परिजनों ने नाविकों का आभार व्यक्त किया।

घटना के बाद घाटों पर तैनात एसडीआरएफ की भूमिका को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा घाटों पर लगातार डूबने की घटनाएं सामने आ रही हैं, इसके बावजूद श्रद्धालु गहरे पानी तक पहुंच जा रहे हैं। हालांकि स्थानीय पुलिस का कहना है कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम हैं। लोगों ने सवाल उठाया कि जब सुरक्षा के लिए एसडीआरएफ की तैनाती की गई है तो ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी क्यों नहीं हो रही है। क्षेत्रवासियों का मानना है कि स्थानीय गोताखोर और नाविक मौके पर न हों तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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