गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने वालों को सनातनी करेंगे वोट: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद
- DSS Admin
- May 27, 2026
फतेहपुर, 27 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में बुधवार को गौरक्षा को लेकर प्रदेश भ्रमण पर निकले जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि इस बार चुनाव में गाय को राष्ट्र माता का दर्ज़ा देने वालों को ही सनातनी वोट करेंगे।
जगतगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद महाराज के यहां पहुँचने पर सनातनी हिन्दुओं ने उनका स्वागत कियाl उन्होंने सनातनी हिन्दुओं से अपील करते हुए कहा कि गाय की हत्या करने वालों को वोट नहीं करना चाहिए जो गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा दे उसे ही सनातनी हिन्दू वोट करेंगे। गौ रक्षा हम सब सनातनियों का पहला धर्म है।शंकराचार्य की गाविष्ठी यात्रा बांदा-फतेहपुर जनपद सीमा पर स्थित बेंदा घाट, मुततौर होकर जब यात्रा सुजानपुर गांव पहुंचने पर गुलाबी गैंग लोकतांत्रिक की राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमलता पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने उनकी चरण पादुका धोकर आरती उतारी फूलमाला और उन्हें अंग वस्त्र भेंट कर जगतगुरु शंकराचार्य का अभिनंदन किया गया। यात्रा के दौरान स्वामी अविमुक्तेश्वरान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के पहले जनता का वोट पाने के लिए हिंदू और सनातनी का मुखौटा ओढ़ा और गौमाता की रक्षा करने के नाम पर प्रधानमंत्री पद तक पहुंच गए और आज देशभर में स्लाटर हाउस खोलकर देश को बीफ निर्यात करने में नंबर एक बना दिया। मोदी ने देश के सभी बूचड़खाने चलाने के लिए सभी सुविधाएं दे दी। किसी को 10 करोड़, किसी को 20 करोड़, किसी को 50 करोड़ देकर कहा खूब गाय काटो और खूब बेचो। पूरे भारत में जो मांस बिकता है, उसका आधा उत्तर प्रदेश से सप्लाई होता हैl गेरुआ कपड़ा पहन कर बैठे हुए योगी महाराज अपने ही प्रदेश में सबसे ज्यादा गायों को कटवाने व बेचने का काम कर रहे हैं। अगर असली साधु होते तो अपने राज्य में तो गायों को काटकर बेचने न देते।
उन्होंने कहा कि असम के चुनाव में भाजपा ने गाय का मांस खाने वालों से वोट लेने के लिए उनका समर्थन किया उन्होंने कहा कि इस समय जैसे रावण ने भेष बदलकर सीता माता का हरण किया था, उसी तरह योगी और मोदी ने गेरुआ वस्त्र ओढ़कर सनातनी हिन्दुओं को ठगने में जुटे हैं। योगी और मोदी को कालनेमि बताकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने वर्तमान सरकार को हिन्दुओ के लिए राक्षस की उपाधि देकर जनता को सचेत किया।

