किसान ने पुत्रबधू पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन हड़पने का लगाया आरोप, पीएमओ में शिकायत के बाद जांच के आदेश
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
विभागीय अधिकारियों में मचा हड़कंप,कुछ भी बोलने से कतराते नजर आए
झांसी, 03 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद की टहरौली तहसील के ग्राम बँकापहाड़ी से राजस्व विभाग, बैंक प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर कथित मिलीभगत का एक गंभीर मामला सामने आया है। एक बुजुर्ग किसान ने अपनी पुत्रवधू पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी कृषि भूमि हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) तक पहुंचने के बाद मामले की जांच शुरू होने की चर्चा से प्रशासनिक महकमे में हलचल मच गई है।
ग्राम बँकापहाड़ी निवासी मल्लू पुत्र सितोले ने आरोप लगाया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की गुरसरांय शाखा से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) योजना के तहत 1.32 लाख रुपये का ऋण लिया था। उनका कहना है कि यह ऋण अभी भी बैंक अभिलेखों में बकाया है और संबंधित भूमि पर बैंक का भार दर्ज है। इसके बावजूद उनकी पुत्रवधू गुड्डो पत्नी राजू ने कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर उक्त भूमि अपने नाम करा ली।
पीड़ित किसान का आरोप है कि बैंक के लेटरहेड और मुहर का इस्तेमाल कर एक कथित फर्जी भारमुक्ति प्रमाण पत्र तैयार किया गया। इसी दस्तावेज के आधार पर तहसील स्तर पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। किसान का कहना है कि उन्होंने कई वर्षों तक बैंक और तहसील कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई।
मामले ने तब नया मोड़ लिया जब पीड़ित ने सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय को शिकायत भेजी। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए पीएमओ से जांच संबंधी निर्देश जारी किए जाने का दावा किया गया है। इसके बाद संबंधित विभागों में खलबली मची हुई है और मामले को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
यदि जांच में शिकायतकर्ता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह मामला राजस्व अभिलेखों की पारदर्शिता, बैंकिंग प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और प्रशासनिक जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है। प्रशासनिक स्तर पर अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।
जिम्मेदारों का है कहना
हालांकि इस संबंध में तहसीलदार ज्ञान प्रकाश ने पीएमओ से किसी पत्र के प्राप्त होने की जानकारी से इनकार किया है। वहीं उपजिलाधिकारी (एसडीएम) टहरौली गौरव आर्य ने बुधवार काे कहा कि फिलहाल वह मामले पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते और आवश्यक जानकारी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सैकड़ों पत्र आते हैं। बिना देखे कोई जानकारी नहीं दी जा सकती।
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