फर्रुखाबाद, 01 जून (हि.स.) । संस्कृति विभाग उत्तरप्रदेश की कथक नृत्यांगना अंजलि चौहान के मार्गदर्शन में कथक और शास्त्रीय कला के संरक्षण और संवर्धन के उद्देश्य से साेमवार काे ओमंजली नृत्य अकादमी का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन समारोह में भारतीय नृत्य अकादमी के सदस्य सुरेन्द्र पाण्डेय, भूपेन्द्र प्रताप सिंह समन्वयक अभिव्यंजना, रश्मि सिंह कोषाध्यक्ष आकांक्षा समिति, अंशु चौहान, मीना चौहान, गोविन्द यादव सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर अकादमी की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि शास्त्रीय कलाएं बच्चों को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व विकास, आत्मविश्वास एवं अनुशासन को भी सुदृढ़ करती हैं।
अकादमी की संचालिका एवं कथक नृत्यांगना अंजलि चौहान ने बताया कि बच्चों के लिए 15 दिवसीय कथक कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। कार्यशाला के माध्यम से विद्यार्थियों को कथक नृत्य की मूलभूत तकनीकों, भारतीय संस्कृति, परंपराओं एवं शास्त्रीय नृत्य की समृद्ध विरासत से परिचित कराया जाएगा।
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