सोमवती अमावस्या पर चित्रकूट पहुंच लाखों श्रद्धालुओं ने देव गंगा मंदाकिनी में लगाई आस्था की डुबकी

-मनोकामनाओं के पूरण को किये भगवान कामतानाथ के दर्शन-जिला प्रशासन ने मेला परिक्षेत्र में किये श्रद्धालुओं की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

-सोमवती अमावस्या पर दान-पुण्य का मिलता है सौ गुना फल-दिव्य जीवन दास महाराज

चित्रकूट, 15 जून (हि.स.)। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में सोमवती अमावस्या के उपलक्ष्य पर देश भर से लाखों श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने रामघाट पहुंच देवगंगा मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाने के बाद मनोकामनाओं के पूरक भगवान श्रीकामतानाथ के दर्शन पूजन कर कामदगिरि पर्वत की पंचकोसीय परिक्रमा लगाई। मेले में लाखों श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुचने की संभावनाओं के मद्देनजर जिला प्रशासन द्वारा मेला परिक्षेत्र में सुरक्षा आदि के पुख्ता इंतजाम किये गये थे।

चित्रकूट के प्रमुख संत एवं भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास महाराज ने सोमवती अमावस्या का महत्त बताते हुए कहा कि लगभग 300 वर्षों के पश्चात ऐसा संयोग बना है कि सोमवती अमावस्या पुरुषोतम मास में पड़ी है। जो बहुत ही महत्वपूर्ण है इसलिए लाखों की संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट दर्शन पूजन करने के लिए पहुंचे है। महंत ने बताया कि इस अमावस्या में जो भी पुण्य कार्य किया जाता है उसका प्रतिफल लगभग 100 गुना हो जाता है। यहां तक कि कहा गया है शिवपुराण में पार्थिव पूजन जो गंगा तट पर या किसी सरोवर किनारे किया जाता उसका लाभ अश्वमेघ यज्ञ के बराबर फलदायी होता है। उन्होने बताया कि सोमवती अमावस्या है पवित्र नदियों ने स्नान ध्यान और दान का विशेष पुण्य लाभ प्राप्त होता है। चित्रकूट में इस अमावस्या में स्नान ध्यान का और भी महत्व बढ़ जाता है क्योंकि यहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास के साढ़े 11 वर्ष बिताए थे और इसी देवगंगा मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाते थे और इसी रामघाट में तुलसीदास जी को भगवान श्रीराम ने बालक के रूप में अपने दर्शन दिए थे। इसलिए अमावस्या के दिन यह आस्था की डुबकी लगाने से विशेष लाभ पुण्य अर्जित होते है।

वहीं कामतानाथ मंदिर के प्रधान पुजारी भरत शरण दास महाराज ने बताया कि सोमवती अमावस्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालु चित्रकूट पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा भगवान कामतानाथ मंदिर में दर्शन पूजन और परिक्रमा लगा रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक करीब 10 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने मां मंदाकिनी में आस्था की डुबकी लगाई है और अभी भी लगातार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं चित्रकूट पहुंच रहे है और दर्शन पूजन कर रहे है। रामघाट से लेकर कामतानाथ मंदिर तक पैर रखने तक की जगह नहीं है। मंदिर से लेकर सड़कों तक सिर्फ श्रद्धालु ही नजर आ रहे है।

श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल की तैनाती कर रखी है। डीएम पुलकिग गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरूण कुमार सिंह अधिकारियों के साथ मेला परिक्षेत्र का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं। प्रशासन द्वारा रामघाट में महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम, खोया पाया केंद्र, स्वास्थ्य कैंप और फ्लड प्लाटून की तैनाती की है। जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में किसी प्रकार की कोई समस्या न हो। इसके अलावा सोमवती अमावस्या के अवसर पर महिलाएं अपने पति की दीर्घ आयु के लिए वट वृक्ष की पूजन अर्चना करती हुई नजर आ रही हैं।

   

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