वाराणसी : लहरतारा धाम में सद्गुरु कबीर साहेब का 628वां प्राकट्य महोत्सव शुरू

वाराणसी, 27 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी लहरतारा स्थित सद्गुरु कबीर प्राकट्यधाम में सद्गुरु कबीर का 628वां प्राकट्य महोत्सव शनिवार को धूमधाम से शुरू हुआ। त्रि-दिवसीय आयोजन का शुभारंभ 'सत्यनाम' अंकित ध्वजारोहण, प्रतिमा पूजन और आरती से हुआ।

नादवंशाचार्य पंथश्री हजूर अर्धनाम साहेब के सान्निध्य में आयोजित कार्यक्रम में देशभर से आए संत-महंतों ने कबीर साहेब के सत्य, अहिंसा, प्रेम और समता के संदेश को आत्मसात करने पर जोर दिया। भजन, साखी और सत्संग से पूरा धाम परिसर भक्तिमय रहा। बिहार, बंगाल, ओडिशा, गुजरात, दिल्ली सहित कई राज्यों से श्रद्धालु शामिल हुए।

संत कबीर अकादमी, मगहर की ओर से आयोजित इस तीन दिवसीय ‘निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव’ में देशभर के संत, विद्वान, कलाकारों के साथ पद्मश्री कालूराम बामनिया, बेबी सिसोदिया, बंजारन सिस्टर्स, देवेन्द्र दास ताना-बाना ग्रुप, ओम प्रकाश पटेल, दिनेश कुमार जांगड़े और प्रीति बामनिया सहित कई ख्यातिप्राप्त कलाकार निर्गुण भक्ति और कबीर गायन की प्रस्तुतियां देंगे।

कार्यक्रम में दूसरे दिन रविवार को कबीर मठ बेलसड़ी, गाजीपुर में निर्गुण त्रिधारा भक्ति उत्सव का आयोजन होगा। यहां पद्मश्री भेरूसिंह चौहान सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए कलाकार कबीर वाणी और निर्गुण भक्ति पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देंगे। वहीं 28 और 29 जून को वाराणसी स्थित संत कबीर की प्राचीन प्राकट्य स्थली लहरतारा में ‘कबीर की विरासत : काशी से मगहर तक’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के प्रतिष्ठित शिक्षाविद, साहित्यकार, इतिहासकार और शोधकर्ता कबीर के दर्शन, साहित्य और सामाजिक योगदान पर अपने विचार रखेंगे। तीनों दिन सत्संग, भजन और भंडारे का आयोजन भी है।

   

सम्बंधित खबर