जनभागीदारी से बनेगा जन आंदोलन, स्वच्छता रैंकिंग में काशी को टॉप-3 में लाने का महासंकल्प

शहर के 100 वार्डों को 204 सेक्टरों में बांटकर नगर निगम ने झोंकी पूरी ताकत विभागों में समन्वय,कचरा संवेदनशील पॉइंट्स का होगा विलोपन

वाराणसी, 19 मई (हि.स.)। स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में धर्म नगरी काशी को शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और जन-जन को इससे जोड़ने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों को 204 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी शिक्षा, कृषि, चिकित्सा, सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, वन विभाग इत्यादि समेत विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है। इस महाभियान का मुख्य उद्देश्य गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (कचरा संवेदनशील स्थानों) का पूर्ण विलोपन, डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को शत-प्रतिशत प्रभावी बनाना, गीले-सूखे कचरे का पृथक्कीकरण और खाली पड़े भूखंडों की मुस्तैदी से सफाई करना है।

प्राचीन शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से मंगलवार को कमिश्नरी ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महापौर अशोक कुमार तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार और नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलन कर किया। कार्यक्रम में महापौर अशोक कुमार तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में काशी की पावन धरा से ही पूरे देश में स्वच्छता का संदेश दिया था। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएं। इस बार काशी को स्वच्छता रैंकिंग में हर हाल में टॉप थ्री में लाना है। इसके लिए आप सभी को पूरे समर्पण भाव से सेवा करने की जरूरत है। महापौर ने अपील की कि हमें महज 15 दिन तक हर रोज तीन-चार घंटे का समय इस अभियान को देना होगा।

सोच बदलनी होगी, गंदगी दिखे तो तुरंत दें जानकारी

वाराणसी परिक्षेत्र के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि अब सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारियों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करना होगा। स्वच्छता को केवल नगर निगम का काम न समझकर एक जनआंदोलन बनाना होगा। इसके लिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे धरातल पर मौजूद गैप (कमियों) को चिन्हित करें और उन्हें तुरंत दूर करें। आम जनता से भी अपील है कि जहां भी गंदगी दिखे, उसकी जानकारी तुरंत प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।

रात में निकलकर करें आकलन, सुबह कराएं सफाई

कार्यक्रम में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय होने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी एक बार रात में सड़कों पर निकलें और आकलन करें कि ठेले-खोमचे वाले क्षेत्रों या किस बाजार में ज्यादा कूड़ा एकत्र हो रहा है। इसके बाद दूसरे दिन सुबह ही उस स्थान को विशेष अभियान चलाकर साफ कराएं। इस कार्य में वार्ड पार्षद, सुपरवाइजर और सफाई कर्मियों को सीधे जोड़ें। जिलाधिकारी ने स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि व्यापक जनभागीदारी से ही स्वच्छता का सपना संभव है।

कंट्रोल रूम से ली जाएगी फीडबैक, नियम तोड़ने पर लगेगा जुर्माना

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्यशाला के चारों मुख्य बिंदुओं पर फोकस करते हुए कहा कि सभी नामित अधिकारी फील्ड में जाकर रिपोर्ट तैयार करें कि जीवीपी पॉइंट कितने हैं और उनका निस्तारण कैसे हो रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के समय गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है या नहीं, इसकी कड़ाई से जांच करें। उन्होंने खाली प्लाटों में कूड़े की स्थिति की सूची बनाने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया कि अभियान की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से सीधे फीडबैक लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वाराणसी को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए शहर में 14 ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहे हैं और 10 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। अब नव विस्तारित वार्डों में भी कूड़ा उठान शुरू कर दिया गया है।

—सफाई कर्मियों को किया पुरस्कृत

कार्यशाला में सभी 204 सेक्टरों के लिए नामित अधिकारियों को जमीनी स्तर पर चार मुख्य बिंदुओं की जांच और सुधार के लिए प्रशिक्षित किया गया। इस मौके पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन सुपरवाइजर और 10 सफाई कर्मियों को मंच पर पुरस्कृत कर उनका हौसला भी बढ़ाया गया।

   

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