महिलाओं की जागरूकता ही उत्पीड़न के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार : नीलम प्रभात
- DSS Admin
- Jun 17, 2026
मीरजापुर, 17 जून (हि.स.)। चुनार तहसील के नरायनपुर विकास खंड सभागार में बुधवार को महिला कल्याण विभाग द्वारा महिला जनसुनवाई एवं समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने दीप प्रज्वलित कर किया। जनसुनवाई के दौरान घरेलू हिंसा सहित पांच मामलों की सुनवाई कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए नीलम प्रभात ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों से कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराए गए स्मार्ट फोन का उपयोग स्वयं करें तथा उसका इस्तेमाल केवल विभागीय कार्यों के लिए करें।
उन्होंने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को पुष्टाहार वितरण महज एक औपचारिक प्रक्रिया न बने, बल्कि उनके साथ परिवार के सदस्य जैसा व्यवहार करते हुए उनकी समस्याओं और जरूरतों को भी समझा जाए। आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को नियमित रूप से ज्ञानवर्धक और संस्कारपरक कहानियां सुनाने पर भी जोर दिया।
राज्य महिला आयोग सदस्य ने महिलाओं को भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की महिलाओं से संबंधित महत्वपूर्ण धाराओं की जानकारी देते हुए कहा कि कानूनी अधिकारों की जानकारी होने पर महिलाएं अपने साथ होने वाले उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि महिला जागरूकता ही अपराधों और उत्पीड़न से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
नीलम प्रभात ने बताया कि वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर चिकित्सीय, कानूनी, मनोवैज्ञानिक और पुलिस सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे उन्हें त्वरित राहत और न्याय मिल सके।
बैठक में जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल कुमार सोनकर, खंड विकास अधिकारी रामराज कुशवाहा, नायब तहसीलदार ज्योति सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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