चम्पावत में फार्मर रजिस्ट्री अभियान को रफ्तार, गांव में तैनात होंगे पंजीकरण कर्मी
- DSS Admin
- May 18, 2026
चंपावत, 18 मई (हि.स.)। एग्रीस्टैक योजना के तहत किसानों की फार्मर रजिस्ट्री को तेजी से पूरा करने के लिए जिला प्रशासन ने अभियान को नए स्तर पर पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब किसानों के पंजीकरण कार्य में ग्राम स्तर के कार्मिकों को भी जोड़ा जाएगा, जिससे गांवों में बैठकर ही फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो सकेगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनपद में सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री 20 मई तक प्राथमिकता के आधार पर पूरी कराई जाए। इसके लिए प्रशासन ने अब ‘सहायक मोड’ लागू करने का निर्णय लिया है, जिसके जरिए ग्रामीण स्तर पर तैनात विभिन्न विभागों के कर्मचारी सीधे पंजीकरण प्रक्रिया में भाग लेंगे।
नई व्यवस्था के तहत ग्राम रोजगार सेवक, पंचायतों में तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर, कृषि विभाग के किसान सहायक, बैंक सखी, बैंक कॉरेस्पोन्डेंट और सहकारी समितियों के सचिव किसानों का पंजीकरण कराने में मदद करेंगे। प्रशासन का मानना है कि इससे दूरदराज के गांवों में रहने वाले किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और रजिस्ट्री कार्य में तेजी आएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि अभी तक फार्मर रजिस्ट्री का काम सीएससी सेंटर, कैंप और सेल्फ मोड के जरिए चल रहा था, लेकिन लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए अब अतिरिक्त व्यवस्था लागू की जा रही है। सभी अधिकृत कार्मिकों को फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी और उन्हें तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
अभियान को गति देने के लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था भी की गई है। सफल पंजीकरण पर पंजीकरण अधिकारी और सत्यापन अधिकारी को अलग-अलग पांच-पांच रुपये दिए जाएंगे, जबकि स्वतः सफल पंजीकरण होने पर पंजीकरण अधिकारी को दस रुपये का मानदेय मिलेगा।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि ग्राम स्तर पर तैनात कर्मचारियों का विवरण तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी को उपलब्ध कराया जाए, ताकि जल्द से जल्द प्रशिक्षण और पंजीकरण प्रक्रिया शुरू की जा सके। साथ ही सभी कॉमन सर्विस सेंटरों के साथ समन्वय बनाकर अभियान को बिना रुकावट संचालित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

