बारुईपुर बालिका हत्याकांड मामले में मुख्य आरोपित गिरफ्तार, चार मामले दर्ज
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
कोलकाता, 06 जुलाई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर में 12 वर्षीय बालिका की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपित आनंद सरदार को सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस मामले में गिरफ्तार आरोपितों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। इससे पहले प्रभास मंडल और दिवाकर सरदार को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने कुछ अन्य लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।
राज्य पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड की जांच के लिए छह सदस्यीय विशेष जांच दल का गठन किया है। विशेष कार्य बल और बारुईपुर पुलिस जिला के विशेष अभियान समूह ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित को बारुईपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया। उसे मंगलवार को अदालत में पेश किए जाने की संभावना है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मृत बालिका के पिता से उनकी बातचीत हुई है तथा उन्हें मंगलवार को भवानी भवन बुलाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीड़ित परिवार ने न्याय की मांग की है और सरकार उनकी हर संभव सहायता करेगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम में अब तक चार मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इनमें बालिका की हत्या का मामला, भीड़ द्वारा एक संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या, पुलिसकर्मियों पर हमला तथा रेल मार्ग अवरुद्ध करने का मामला शामिल है। हालांकि अब तक गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपित बालिका हत्या मामले में ही आरोपित हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मॉब लिंचिंग की घटना में सांप्रदायिक तत्वों की भूमिका की जांच की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस प्रकार रेलवे लाइन को नुकसान पहुंचाया गया, उससे वर्ष 2019 के नागरिकता संशोधन कानून विरोधी आंदोलन तथा हाल के वक्फ कानून विरोधी आंदोलनों की घटनाएं याद आती हैं। उन्होंने बताया कि हिंसा के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2 जवान घायल हुए और पुलिस का एक वाहन भी आग के हवाले कर दिया गया।
उल्लेखनीय है कि, बारुईपुर की 12 वर्षीय बालिका शनिवार से लापता थी। रविवार को उसका शव एक तालाब से बरामद हुआ। हत्या की खबर फैलते ही क्षेत्र में भारी तनाव फैल गया। गुस्साई भीड़ ने एक संदिग्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी तथा सड़क और रेल मार्ग अवरुद्ध कर विरोध प्रदर्शन किया। स्थिति पर नियंत्रण के लिए पुलिस और केंद्रीय बलों को तैनात करना पड़ा।
वर्तमान में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बारुईपुर, नरेंद्रपुर और सोनारपुर क्षेत्रों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 163 लागू है तथा बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।

