भाजपा विधायक की शिकायत पर टाला प्रत्यय दुर्गा पूजा समिति पर प्राथमिकी दर्ज
- DSS Admin
- Jul 02, 2026
कोलकाता, 02 जुलाई (हि.स.)। उत्तर कोलकाता की चर्चित टाला प्रत्यय दुर्गा पूजा समिति एक नए विवाद में घिर गई है। काशीपुर-बेलगछिया से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विधायक रितेश तिवारी की शिकायत पर टाला थाना पुलिस ने सार्वजनिक खेल मैदान पर कथित अतिक्रमण और अन्य आरोपों के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की है।
विधायक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि टाला जिमखाना मैदान, जो कोलकाता नगर निगम की संपत्ति है, उसके लगभग 2 बीघा हिस्से पर 2018 से अवैध कब्जा किया गया है। शिकायत में समिति से जुड़े ध्रुवज्योति बसु (सुभो) का नाम भी शामिल किया गया है।
शिकायत के अनुसार, मैदान की लगभग 200 फुट लंबी चारदीवारी, लोहे का मुख्य द्वार और ग्रिल को तोड़कर नगर निगम की पार्क एवं उद्यान शाखा की जमीन पर एक क्लब कक्ष का निर्माण किया गया। इसके अलावा आरोप लगाया गया है कि टाला पार्क एसोसिएशन के नाम पर किसी अन्य नगर निगम संपत्ति का पता इस्तेमाल कर छलपूर्वक बिजली कनेक्शन भी प्राप्त किया गया।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि स्थानीय निवासियों के अनुसार मैदान के बड़े हिस्से का वर्षभर अस्थायी ढांचे खड़े करने, सामान रखने तथा मनोरंजन और खेल गतिविधियों से इतर कार्यों के लिए उपयोग किया जाता है। इससे बच्चों और लोगों को सार्वजनिक खेल मैदान के स्वतंत्र उपयोग से वंचित होना पड़ रहा है।
भाजपा विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि क्लब ने चारदीवारी का हिस्सा गिराकर मैदान के भीतर स्थायी क्लब कक्ष बना लिया है। वहीं, कुछ लोगों ने यह भी दावा किया है कि प्रभाव और नियंत्रण के कारण वे मैदान के उपयोग के अपने अधिकार की मांग करने से हिचकते हैं।
गुरुवार को रितेश तिवारी ने कहा कि उन्होंने नगर निगम अधिकारियों से कथित अवैध निर्माण हटाने की मांग की है। उनका कहना है कि टाला पार्क में बने कई ढांचे असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन गए हैं और इन्हें हटाया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पार्क की सीमा से लगे कुछ दुकानों की कोई व्यावसायिक उपयोगिता नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर इन दुकानों को राजा मणींद्र स्ट्रीट में स्थानांतरित किया जा सकता है।
शिकायत में उच्चतम न्यायालय के बैंगलोर मेडिकल ट्रस्ट बनाम बीएस मुद्दप्पा मामले के फैसले का हवाला देते हुए कहा गया है कि सार्वजनिक पार्क और खेल मैदान सामुदायिक संपत्ति हैं, जिनका उपयोग केवल आम जनता के हित में होना चाहिए और उनका निजी उपयोग नहीं किया जा सकता।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 111(4), 270, 287, 324(3) और 329(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में पूरे मामले की विस्तृत जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।---------------

