वैज्ञानिक पशुपालन से आत्मनिर्भरता की राह पर बढ़ीं महिला पशुपालक
- DSS Admin
- Jul 06, 2026
महासमुंद की महिला समूह ने धमतरी में सीखी आधुनिक पशुपालन तकनीक, उन्नत नस्ल और संतुलित पोषण की मिली जानकारी
धमतरी, 06 जुलाई (हि.स.)। वैज्ञानिक एवं आधुनिक पशुपालन तकनीकों को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में पशुधन विकास विभाग की पहल प्रभावी साबित हो रही है। महासमुंद जिले के बागबाहरा विकासखंड के ग्राम जोरातराई की महिला पशुपालक समूह ने साेमवार काे धमतरी जिले के मुख्य ग्राम योजना भोथली अंतर्गत ग्राम बोड़रा स्थित गोधाम एवं गोविन्दी देव गौशाला का शैक्षणिक भ्रमण किया।
भ्रमण के दौरान महिलाओं ने वैज्ञानिक पशुपालन की आधुनिक तकनीकों का व्यवहारिक प्रशिक्षण लिया और विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया।
पशुधन विकास विभाग के विशेषज्ञों ने कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से उन्नत नस्ल के पशुओं के विकास, दुग्ध उत्पादन बढ़ाने, कृषि के साथ वैज्ञानिक पशुपालन अपनाकर अतिरिक्त आय अर्जित करने तथा आधुनिक प्रबंधन तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। पशुओं के संतुलित पोषण पर विशेष जोर देते हुए हरे चारे के उत्पादन एवं संरक्षण के साथ पैरा को यूरिया, नमक और चूने से उपचारित कर उसकी पोषण गुणवत्ता बढ़ाने की कम लागत वाली तकनीक का व्यवहारिक प्रदर्शन भी किया गया, जिसमें महिला पशुपालकों ने विशेष रुचि दिखाई और इसे अपने गांवों में अपनाने का संकल्प लिया। शैक्षणिक भ्रमण डा यादव एवं डा घृतलहरे के नेतृत्व में आयोजित हुआ। मुख्य ग्राम इकाई भोथली के सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी बीएस साहू ने क्षेत्र में संचालित कृत्रिम गर्भाधान, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी। भ्रमण के अंत में महिला पशुपालकों ने विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन से उत्पादन और आय बढ़ाने का संकल्प लिया।
आधुनिक तकनीकों से पशुपालन को लाभकारी बनाया जा सकता है: डा टीआर वर्मा
मुख्य ग्राम योजना धमतरी के पशु प्रजनन विशेषज्ञ डा टीआर वर्मा ने पशु नस्ल सुधार, वैज्ञानिक प्रजनन, संतुलित पोषण, रोगों की रोकथाम, नियमित टीकाकरण तथा कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाली आधुनिक पशुपालन पद्धतियों की जानकारी देते हुए कहा कि वैज्ञानिक सोच और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर पशुपालन को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है तथा यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का भी मजबूत माध्यम बन रहा है।

