मुंबई, 15 जून (हि.स.)। शिवसेना (शिंदे गुट) के उपनेता व प्रवक्ता संजय निरुपम ने 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं को अफवाह करार दिया है। उन्होंने कहा कि हमें शिवसेना (ठाकरे गुट) के सांसदों को शिंदे सेना में शामिल करने के लिए आपरेशन टाइगर की आवश्यकता नहीं है। ठाकरे सेना में खुद अंदरूनी कलह मची हुई है, जिससे पार्टी नेतृत्व डरा हुआ है।
निरूपम ने सोमवार को पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्तो को संबोधित करते हुए ठाकरे सेना की जमकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि उद्धव ठाकरे की पार्टी का हाल ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी जैसा होगा। उन्होंने दावा किया कि ठाकरे सेना में नाराजगी बढ़ रही है क्योंकि उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे कार्यकर्ताओं और सांसदों से अच्छे से बातचीत नहीं करते। कई नेता इसलिए नाखुश हैं क्योंकि नेतृत्व ने निकाय चुनावों में कार्यकर्ताओं को नके हाल पर छोड़ दिया है। 'ऑपरेशन टाइगर' की कोई आवश्यकता नहीं है।
निरुपम ने कहा कि शिवसेना (शिंदे गुट) के मुखिया व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे राज्य का दौरा कर रहे हैं और कार्यकर्ताओं से बातचीत कर रहे हैं। हमें ऑपरेशन टाइगर जैसा कोई विशेष मुहिम लागू करने की जरूरत नहीं है। ठाकरे सेना का नेतृत्व इस चर्चा से डरा हुआ है और अंदरूनी कलह से मुश्किल में है। ठाकरे सेना में बेचैनी साफ दिख रही है।
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