जहां कानून का पालन नहीं होगा, वहां चलेगा बुलडोजर- सीएम फडणवीस
- DSS Admin
- Jun 01, 2026
मुंबई, 01 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की ‘बुल़डोजर संस्कृति’ की तर्ज पर महाराष्ट्र में भी की जा रही बुलडोजर कार्रवाई को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सही ठहराया है। उन्होंने कहा है कि उनका प्रदेश कानून से चलता है और जो कानून का पालन नहीं करेगा उसके खिलाफ बुलडोजर की कारर्वाई होगी। यह आगे भी जारी रहेगी।
मुख्यमंत्री फडणवीस सोमवार को मुंबई में आयोजित एक मराठी चैनल के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस कार्यक्रम में अपने-अपने क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई महिला हस्तियों ने अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री ने कहा कि वो किसी राज्य विशेष की बात नहीं करते लेकिन महाराष्ट्र में जहां कानून का राज चलता है वहां अगर कोई गलत करता है, तो उसके खिलाफ बुलडोजर की कारर्वाई की गई है। लेकिन हमने नियमों के तहत नोटिस देकर बुलडोजर चलाया है। किसी को टारगेट करके नहीं। जो गलत करेगा उस पर कारर्वाई होगी और बुलडोजर आगे भी चलता रहेगा।
महिला आरक्षण पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक आरक्षण नहीं देंगे तब तक महिलाओं की सहभागिता नहीं बढ़ेगी। शिक्षा और नौकरी की तरह ही राजनीति में भी महिलाओ की संख्या बढाने के लिए मोदी सरकार ने नारी शक्ति विधेयक लाने की कोशिश की थी लेकिन विपक्ष ने इसे सफल नहीं होने दिया। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति विधेयक के लिये पीएम नरेंद्र मोदी ने लॉजिकल सल्यूशन दिया था लेकिन विपक्ष को दरअसल इसे पारित करना ही नहीं था। लेकिन पश्चिम बंगाल चुनाव में भारी पराजय के बाद देश की अनेक पार्टियों को समझ में आ गया है कि महिलाओं को दरकिनार कर वो राजनीति नहीं कर सकते। कई अलग अलग राजनीतिक दल अब इसे समर्थन देने के लिए तैयार हो रहे हैं। ये पारित होगा और साल 2029 में ही महिला आरक्षण आ कर रहेगा। उम्मीद है कि महाराष्ट्र की विपक्षी पार्टियों को सुबुद्धि आएगी और वो भी इसके समर्थन में वोट देंगी।
लाडकी बहन योजना से 80 लाख महिलाओं को अलग करने के आरोपों को गलत ठहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह देश के किसी राज्य में चलने वाली सबसे बड़ी योजना है। हमने किसी को भी निकाला नहीं है। लाभार्थी होने की कई शर्ते थी। हमने केवाईसी की शुरूआत की लेकिन जिन्होंने केवाईसी नहीं की तो संदेह हुआ। पता चला कि इसमें 14 हजार पुरूष हैं, 5 लाख सरकारी कर्मचारी हैं, 10 लाख लोग आयकर भरते हैं और 5 लाख के पास अपने वाहन हैं। जो अयोग्य और गैर केवाईसी के है उन्हें रोका है। 25 लाख महिलाओं की केवाईसी गलत थी तो हमने उन्हें ठीक करवा दिया। सरकार फिर से केवाईसी के लिए तैयार है लेकिन अयोग्य लोगों को कोई पैसा नहीं मिलेगा।
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