नौकरी गई, जान पर बनी-42 डिग्री तापमान में धरने पर बैठे कठुआ के श्रमिक बेहोश, सिस्टम मौन
- DSS Admin
- May 18, 2026

कठुआ, 18 मई । कठुआ के गोविंदसर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी औद्योगिक इकाई में 110 श्रमिकों को कथित तौर पर बिना नोटिस निकाले जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पिछले तीन दिनों से अपनी मांगों को लेकर इकाई के मुख्य द्वार के बाहर धरने पर बैठे श्रमिकों में से कई सोमवार को तेज गर्मी के कारण बेहोश हो गए।
जानकारी के अनुसार करीब 42 डिग्री तापमान के बीच प्रदर्शन कर रहे मजदूरों की तबीयत बिगड़ गई जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जीएमसी कठुआ ले जाया गया। प्रदर्शनकारी श्रमिकों का कहना है कि वे पिछले तीन दिनों से लगातार धरने पर बैठे हैं लेकिन न तो कंपनी प्रबंधन और न ही प्रशासन का कोई प्रतिनिधि उनकी सुध लेने पहुंचा। श्रमिकों ने आरोप लगाया कि उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस के नौकरी से निकाल दिया गया जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। कई श्रमिकों ने बताया कि वे पिछले 8-9 वर्षों से कंपनी में कार्यरत थे लेकिन अचानक उन्हें बाहर कर दिया गया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगों में नौकरी की बहाली या उचित मुआवजा शामिल है। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि इसी इकाई में नौकरी संभव नहीं है तो उन्हें किसी अन्य यूनिट में समायोजित किया जाए। श्रमिकों का कहना है कि उनके परिवार इस फैसले से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और आर्थिक संकट गहराता जा रहा है।
श्रमिकों ने लेबर कमिश्नर कार्यालय पर भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि वहां भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही और केवल तारीख पर तारीख दी जा रही है। धरने पर बैठे मजदूरों ने यह भी अपील की कि जब तक उनका मामला हल नहीं होता उन्हें फैक्ट्री परिसर के अंदर बैठने की अनुमति दी जाए ताकि वे भीषण गर्मी से बच सकें। उनका कहना है कि बाहर खुले में बैठने से उनकी तबीयत लगातार बिगड़ रही है। वहीं स्थानीय विधायक से भी इस मुद्दे को लेकर बातचीत हुई है जिन्होंने जल्द समाधान का आश्वासन दिया है। फिलहाल श्रमिकों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं उनका धरना जारी रहेगा।
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