अमृतसर में 5 अवैध कॉलोनियों पर चला बुलडोजर:बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच में एडीए का एक्शन; नोटिस भेजने पर भी नहीं रोका निर्माण
- Neha Gupta
- Jun 12, 2026
अमृतसर विकास प्राधिकरण (एडीए) ने अवैध कॉलोनियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। एडीए के मुख्य प्रशासक नितेश कुमार जैन और अतिरिक्त मुख्य प्रशासक इनायत के आदेशों पर जिला टाउन प्लानर (रेगुलेटरी) विंग ने गांव बल्ल कलां, पंडोरी वड़ैच (मजीठा रोड पर) और बल्ल खुर्द (अमृतसर-फतेहगढ़ चूड़ियां रोड पर) स्थित 5 अवैध कॉलोनियों को ध्वस्त कर दिया। जिला टाउन प्लानर ने बताया कि भविष्य के अनियंत्रित विकास को रोकने के लिए सरकार के निर्देशों के तहत इन अवैध कॉलोनियों को पहले ही पापरा एक्ट-1995 के तहत नोटिस जारी कर निर्माण कार्य रोकने का आदेश दिया गया था। अधिकारियों के अनुसार, कॉलोनियों के खिलाफ हाल ही में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई तब अमल में लाई गई जब थाना कंबो की ओर से पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध नहीं था, फिर भी उच्च अधिकारियों के आदेशों का पालन किया गया। इसके अतिरिक्त, गांव बल्ल खुर्द में एक अन्य अवैध कॉलोनी को विभाग ने कई बार नोटिस जारी कर निर्माण रोकने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद कॉलोनाइजर ने निर्माण कार्य जारी रखा। पूर्व में सार्वजनिक जमावड़े और पुलिस बल की कमी के कारण इस कॉलोनी को ध्वस्त नहीं किया जा सका था। इसी कारण उच्च अधिकारियों के आदेश पर आज इस अवैध कॉलोनी के खिलाफ पुनः ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई। 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना संभव अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पापरा एक्ट-1995 में वर्ष 2024 में किए गए संशोधन के अनुसार अवैध कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति को 5 से 10 वर्ष तक की कैद और 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसी के तहत, इन कॉलोनियों से संबंधित भूमि मालिकों और डेवलपर्स के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए राजस्व रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस विभाग को भी लिखा गया है। प्लॉट खरीदने से पहले स्वीकृति संबंधी दस्तावेज अवश्य देखें एडीए के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि वे ऐसी अवैध कॉलोनियों, जिन्हें पुड्डा विभाग से मंजूरी प्राप्त नहीं है, में प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की स्वीकृति संबंधी दस्तावेज अवश्य देखें। साथ ही अमृतसर विकास प्राधिकरण की वेबसाइट पर उपलब्ध अवैध कॉलोनियों से संबंधित विवरण का भी अवलोकन करें। इसके अलावा उन्होंने यह भी अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले पुड्डा विभाग से आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त करने के बाद ही निर्माण कार्य किया जाए।

