पंजाब में धर्मांतरण पर SGPC ने जताई चिंता:योगी के बयान का समर्थन, सरकार से कार्रवाई की मांग; कहा- फंडिंग पर नीति बने

शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने पंजाब में हो रहे धर्मांतरण के मुद्दे पर गंभीर चिंता जताई है। एसजीपीसी के प्रवक्ता गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने योगी आदित्यनाथ के बयान का समर्थन किया। योगी आदित्यनाथ ने बैसाखी पर संगतों को बधाई देते हुए कहा था कि श्री गुरु नानक साहिब के दर्शन पर आधारित सिख धर्म एक साझा संवाद का प्रतीक है। ग्रेवाल ने इस बयान की सराहना करते हुए कहा कि सिख धर्म में बलिदानों का लंबा इतिहास और साझा मूल्यों का संदेश है। सरकारी रिकार्ड में क्यों दर्ज नहीं मामले एसजीपीसी ने सवाल उठाया कि अगर भाजपा या केंद्र के प्रतिनिधियों को धर्मांतरण की जानकारी है, तो इन मामलों को सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज क्यों नहीं किया जा रहा। साथ ही धर्मांतरण के लिए होने वाली फंडिंग पर कोई ठोस नीति बनाने की मांग की। प्रवक्ता ने कहा कि धर्मांतरण की आड़ में लोगों का आर्थिक और सामाजिक शोषण हो रहा है। उन्होंने पटना साहिब कमेटी और हरियाणा कमेटी के गठन पर भी चिंता जताई। उनका कहना है कि इससे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विभाजन हो रहा है। एसजीपीसी ने इस मुद्दे पर आवाज उठाने के लिए योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद किया और आश्वासन दिया कि वे इस विषय पर गंभीरता से काम करेंगे।

   

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