इटली में पंजाबी युवक की हिरासत में मौत:होशियारपुर से कमाने गया था, छेड़छाड़ का था आरोप, गिरफ्तारी के कुछ समय में ही गई जान

पंजाब के होशियारपुर जिले के अंतर्गत आते कस्बा टांडा उड़मुड़ के गांव मियानी से एक बेहद दुखद और स्तब्ध करने वाली खबर सामने आई है। रोज़ी-रोटी कमाने इटली गए मियानी निवासी 23 वर्षीय युवक सुखविंदर सिंह सोनू की वहां की पुलिस हिरासत (हिरासत के दौरान) में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। मृतक युवक पिछले करीब पांच वर्षों से इटली के ब्रेसिया (Brescia) शहर में रह रहा था और उसकी मौत की खबर मिलते ही गांव मियानी में मातम पसर गया है। वाटर पार्क में लगा था नाबालिगों से बदसलूकी का आरोप प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुखविंदर सिंह का इससे पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और उसने इटली में रहने के लिए राजनीतिक शरण (पॉलिटिकल असाइलम) के लिए आवेदन किया हुआ था। मामला बीते रविवार का है, जब सुखविंदर सिंह केनेसियो स्थित 'टिबिडाबो वाटर पार्क' घूमने गया था। वाटर पार्क प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस को शिकायत दी कि स्विमिंग पूल में एक घटना के दौरान सुखविंदर पर चार नाबालिग लड़कियों के साथ अनुचित व्यवहार (बदसलूकी) करने का आरोप लगा है। गिरफ्तारी के तुरंत बाद हिरासत में हुई मौत वाटर पार्क प्रबंधन की सूचना और शिकायत पर कार्रवाई करते हुए इटली पुलिस ने तुरंत सुखविंदर सिंह को हिरासत में ले लिया। इसके बाद कोर्ट/अभियोजन पक्ष (Prosecution) द्वारा मामले से जुड़ीं नाबालिग लड़कियों के आधिकारिक बयान दर्ज किए गए। बयानों के आधार पर सुखविंदर सिंह पर यौन उत्पीड़न (Sexual Assault) का गंभीर आरोप लगाते हुए उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि, गिरफ्तारी के कुछ ही समय बाद हिरासत के दौरान ही सुखविंदर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के असली कारणों की जांच में जुटा ब्रेसिया प्रशासन भारतीय युवक की पुलिस कस्टडी में हुई इस अचानक मौत के बाद इटली के प्रशासनिक गलियारों में भी हड़कंप मच गया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए ब्रेसिया अभियोजन कार्यालय (Brescia Prosecution Office) ने सुखविंदर सिंह के शव का गहन पोस्टमार्टम कराने के आदेश जारी किए हैं। इसके साथ ही, इस पूरी घटना और हिरासत के दौरान हुई मौत के वास्तविक कारणों का सटीक पता लगाने के लिए एक विस्तृत व उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। उधर, पंजाब में रह रहे सुखविंदर के शोकाकुल परिजनों और रिश्तेदारों में इस घटना को लेकर गहरा सदमा और रोष है। परिवार ने भारत सरकार और विदेश मंत्रालय से इस पूरे मामले में दखल देने और सच्चाई सामने लाने की गुहार लगाई है।

   

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