जालंधर के पठानकोट बाईपास फ्लाईओवर पर कार में लगी आग:बाल-बाल बची पति-पत्नी की जान, पूरी गाड़ी जलकर हुई राख
- DSS Admin
- Jun 19, 2026
जालंधर में पठानकोट बाईपास फ्लाईओवर पर एक चलती कार में भीषण आग लग गई, जिससे नई-नवेली स्विफ्ट डिजायर कार जलकर पूरी तरह राख हो गई। कार में सवार पति-पत्नी अपने एक बीमार रिश्तेदार का हालचाल जानने अस्पताल जा रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। गनीमत यह रही कि आग पूरी तरह भड़कने से पहले ही दोनों समय रहते गाड़ी से बाहर निकल आए, जिससे उनकी जान बाल-बाल बच गई। कैसे हुआ हादसा और कहां जा रहा था परिवार जानकारी के अनुसार, कपूरथला नंबर (PB09U7045) की एक स्विफ्ट डिजायर कार जालंधर के पठानकोट बाईपास स्थित मल्टीप्लेक्स के पास फ्लाईओवर पर अचानक आग का गोला बन गई। कार में एक दंपत्ति (पति-पत्नी) सवार थे। वे जालंधर के 'सेक्रेड हार्ट अस्पताल' में दाखिल अपने किसी रिश्तेदार का पता लेने (हालचाल जानने) आ रहे थे। फ्लाईओवर पर चलते समय कार से अचानक धुआं निकलने लगा। खतरे को भांपते हुए पति-पत्नी तुरंत गाड़ी रोककर नीचे उतर गए। उनके उतरते ही कार में भीषण आग लग गई। देखते ही देखते नई कार पूरी तरह जलकर खाक हो गई। आग इतनी जबरदस्त थी कि कार की सीटें, स्टीयरिंग और खिड़कियों के शीशे पूरी तरह चकनाचूर हो गए। लोगों ने की मदद, मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड हादसे के बाद वहां से गुजर रहे राहगीर और स्थानीय लोग तुरंत मदद के लिए आगे आए। कुछ लोगों ने पानी डालकर और गाड़ियों के छोटे सिलेंडरों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग लगातार बढ़ती चली गई। इसके बाद तुरंत दमकल विभाग (फायर ब्रिगेड) को सूचित किया गया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक कार का सारा हिस्सा जलकर स्वाहा हो चुका था। हादसे के बाद सदमे में आए पीड़ित पति-पत्नी को तुरंत जांच और इलाज के लिए जालंधर के एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां वे अब सुरक्षित हैं। पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल घटना की जानकारी मिलते ही जालंधर के डिवीजन नंबर 8 की पुलिस टीम अधिकारी मेवा सिंह के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना का जायजा लिया और अगली कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर आग लगने का कारण गाड़ी में हुआ शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने प्रशासन की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि इस फ्लाईओवर के ऊपर बिल्कुल भी लाइट नहीं थी, जिससे अंधेरा पसरा हुआ था। इसके अलावा, हादसे के बाद सड़क के बीचों-बीच खड़ी गाड़ी के पास कोई रिफ्लेक्टर या बैरिकेड नहीं लगाया गया था, जिससे रात के समय कोई अन्य वाहन इससे टकरा सकता था और दूसरा बड़ा एक्सीडेंट हो सकता था।

