खन्ना में गुरप्रीत भट्टी ने भाजपा से दिया इस्तीफा:कभी बादल परिवार के रहे बेहद करीबी; भगवंत मान संग बनाई थी पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब

पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता और पूर्व विधानसभा उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह भट्टी ने रविवार को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में उनके अगले कदम को लेकर अटकलें शुरू हो गई हैं। गुरप्रीत सिंह भट्टी का पंजाब की राजनीति में लंबा अनुभव रहा है। एक समय वह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और उनके परिवार के करीबी माने जाते थे। बाद में उन्होंने मनप्रीत सिंह बादल और भगवंत मान के साथ मिलकर पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) के गठन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पीपीपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा भट्टी ने वर्ष 2012 के पंजाब विधानसभा चुनाव में खन्ना सीट से पीपीपी उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह आम आदमी पार्टी (आप) में शामिल हो गए और वर्ष 2017 में अमलोह विधानसभा क्षेत्र से आप उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरे। इस चुनाव में भी उन्हें सफलता नहीं मिली। AAP को छोड़कर भाजपा में हुए थे शामिल बाद में गुरप्रीत सिंह भट्टी ने आम आदमी पार्टी छोड़कर भाजपा का दामन थामा। भाजपा ने उन्हें 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में खन्ना सीट से उम्मीदवार बनाया, लेकिन वह इस बार भी जीत हासिल नहीं कर सके। इस तरह भट्टी तीन अलग-अलग राजनीतिक दलों के टिकट पर तीन विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं, लेकिन उन्हें कभी जीत नहीं मिली। पंजाब की राजनीति में नई चर्चा गुरप्रीत सिंह भट्टी ने अभी तक अपनी भविष्य की राजनीतिक रणनीति या किसी नई पार्टी में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में उनके अगले फैसले से पंजाब की राजनीति में नई चर्चा छिड़ सकती है।

   

सम्बंधित खबर